Bihar Samastipur Crime: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज के पुराने, बंद पड़े हॉस्टल के खंडहरनुमा कमरे से बुधवार को एक अज्ञात युवक का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शव को केमिकल डालकर जलाने की कोशिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह घटना Bihar Samastipur Crime की गंभीर स्थिति को उजागर करती है।
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, मृतक की उम्र लगभग 20 से 22 वर्ष प्रतीत होती है। शव पर पैंट और टी-शर्ट थे, लेकिन अब तक युवक की पहचान नहीं हो पाई है।






समस्तीपुर: हॉस्टल के खंडहर में मिली सड़ी-गली लाश, केमिकल से जलाने की कोशिश! पूरे इलाके में दहशत
Samastipur Crime: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज के पुराने, बंद पड़े हॉस्टल के एक खंडहरनुमा कमरे से बुधवार को एक अज्ञात युवक का सड़ा-गला शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि शव पर केमिकल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया गया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 20 से 22 वर्ष प्रतीत होती है। शव पर पैंट और टी-शर्ट मौजूद थे, लेकिन अभी तक युवक की पहचान नहीं हो पाई है। यह रहस्य कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसकी हत्या कैसे की गई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
हॉस्टल की छत पर बदबू से खुला खौफनाक राज
इस खौफनाक घटना का खुलासा स्थानीय ग्रामीण राजू राय की सतर्कता से हुआ। राजू राय ने बताया कि उनके खेत में लगे ताड़ के पेड़ का एक छज्जा पुराने हॉस्टल की छत पर गिर गया था। जब वह उसे देखने के लिए हॉस्टल की छत पर पहुंचे, तो उन्हें वहां से तेज दुर्गंध महसूस हुई। बदबू का पीछा करते हुए वह एक कमरे तक पहुंचे, जहां उन्होंने सड़ी-गली लाश देखी। शव देखकर राजू राय घबरा गए और उन्होंने तुरंत कॉलेज के प्राचार्य को इसकी सूचना दी।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शशि रंजन कुमार शशि ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी की छुट्टी के कारण 15 मई के बाद से कॉलेज बंद था। पुराने हॉस्टल परिसर में लोगों का आना-जाना बेहद कम रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन उनमें केवल पिछले 15 दिनों का ही रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। अब पूरे मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में भी नहीं मिल रहे सुराग, क्या है पूरा रहस्य?
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि पुराने बंद पड़े पीजी हॉस्टल के खंडहरनुमा कमरे से यह सड़ी-गली लाश बरामद हुई है। घटनास्थल के आसपास केमिकल जैसे कुछ पदार्थ भी मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि शव को नष्ट करने की कोशिश की गई थी। पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान कराने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही इस जघन्य बिहार मर्डर केस में आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठ सके।
बंद हॉस्टल में कैसे पहुंचा शव? केमिकल से क्यों किया नष्ट करने का प्रयास?
स्थानीय ग्रामीण राजू राय ने बताया कि उनके खेत में लगे ताड़ के पेड़ का छज्जा पुराने हॉस्टल की छत पर गिर गया था। जब वह उसे देखने हॉस्टल की छत पर पहुंचे, तो वहां से तेज दुर्गंध आने लगी। बदबू का पीछा करते हुए वे एक कमरे तक पहुंचे, जहां उन्होंने सड़ी-गली लाश पड़ी देखी। शव देखकर वे घबरा गए और तुरंत कॉलेज के प्राचार्य को इसकी सूचना दी।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शशि रंजन कुमार शशि ने बताया कि गर्मी की छुट्टी के कारण कॉलेज 15 मई से बंद था। पुराने हॉस्टल परिसर में लोगों की आवाजाही बहुत कम रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन उनमें केवल 15 दिनों का रिकॉर्ड ही सुरक्षित रहता है।
पुलिस की जांच तेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया, “पुराने बंद पड़े पीजी हॉस्टल के खंडहरनुमा कमरे से सड़ी-गली लाश बरामद हुई है। घटनास्थल के आसपास केमिकल जैसे पदार्थ भी मिले हैं, जिससे शव को नष्ट करने की कोशिश की आशंका है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।”
पुलिस का कहना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और हत्या कैसे की गई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गहन पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस शव की पहचान कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना Samastipur Dead Body मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस हर संभव कोण से जांच कर रही है। युवक की पहचान और मौत के कारणों का पता चलने के बाद ही इस मामले में कोई ठोस जानकारी सामने आ पाएगी।








