Silver Price: भारत के सर्राफा बाजार में पिछले कुछ महीनों से सोना और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं के भाव में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। खासकर चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने निवेशकों और उपभोक्ताओं दोनों को हैरान कर दिया है। जहाँ सोने की कीमतें एक निश्चित दायरे में स्थिर हुई हैं, वहीं चांदी ने रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज की है, जिसने इसे निवेश का एक आकर्षक विकल्प बना दिया है। मौजूदा रुझान बताते हैं कि यह तेजी अभी कुछ समय तक जारी रह सकती है।
देश में चांदी की कीमत: रिकॉर्ड तोड़ उछाल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
चांदी की कीमत में ऐतिहासिक वृद्धि: आंकड़े और रुझान
पिछले ढाई महीनों में चांदी की कीमतों में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। दीपावली के दिन, 31 अक्टूबर 2025 को, चांदी का भाव 1 लाख 49 हजार रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था। जबकि, 19 जनवरी सोमवार को यह आंकड़ा बढ़कर 2,096,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि ने बाजार में खलबली मचा दी है। इसी अवधि में, 24 कैरेट सोने का भाव भी 145,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है, हालांकि इसकी वृद्धि दर चांदी जितनी तीव्र नहीं रही है। बिहार सराफा व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष और पटना के जाने-माने सोने-चांदी के थोक विक्रेता अशोक कुमार वर्मा ने इस बात की पुष्टि की है कि चांदी के भाव में गिरावट की उम्मीद कम दिख रही है, जिससे लोग इसे एक सुरक्षित निवेश के तौर पर देख रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

चांदी की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ इसकी मांग में भी जबरदस्त उछाल आया है। विशेष रूप से चांदी के सिक्के और चांदी की ईंट की बिक्री में भारी तेजी देखी जा रही है। बिहार सराफा व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से सिर्फ पटना में प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक की चांदी की बिक्री हो रही है। इस निवेश की प्रवृत्ति के पीछे मुख्य कारण यह है कि मध्यम वर्ग चांदी के सिक्के और छोटे सामान खरीद रहा है, जबकि बड़े पूंजीपति चांदी की ईंटों में निवेश कर रहे हैं। एक चांदी की ईंट, जिसका वजन लगभग 500 ग्राम होता है, की कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये है। वहीं, 10 ग्राम चांदी के सिक्के का मौजूदा रेट 3200 रुपये है, जो ढाई महीने पहले 1500 से 1600 रुपये था।
बाजार पर प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
सर्राफा बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जिस तरह से चांदी की कीमतों में वृद्धि हो रही है, ऐसी संभावना है कि फरवरी तक इसका भाव 5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक भी पहुंच सकता है। प्रतिदिन 5,000 से 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि सामान्य हो गई है। पहले लोग निवेश के लिए सोने को प्राथमिकता देते थे, लेकिन पिछले 15 दिनों से सोने की कीमतें एक निश्चित स्तर पर स्थिर हैं, जबकि चांदी में अत्यधिक तेजी देखने को मिल रही है। यही वजह है कि अब निवेशक चांदी की ओर रुख कर रहे हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
चांदी की मांग सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में भी इसकी उपयोगिता बढ़ी है। सोलर लाइट और कई इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्माण में चांदी का व्यापक उपयोग होता है। औद्योगिक मांग में वृद्धि ने भी इसकी कीमतों को बढ़ाने में योगदान दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैश्विक कारण और विशेषज्ञों की राय
चांदी की कीमतों में वैश्विक स्तर पर भी कई बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। अशोक कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि अमेरिका ने चांदी और तांबे को ‘रेयर मेटल’ (दुर्लभ धातु) घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, चीन ने इलेक्ट्रॉनिक सामानों में चांदी के बढ़ते उपयोग के कारण बड़े पैमाने पर चांदी का भंडारण शुरू कर दिया है और इसके निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका द्वारा 10 प्रतिशत टैरिफ में वृद्धि भी चांदी के भाव बढ़ने का एक प्रमुख कारण है।
हालांकि, इस तेजी के बावजूद, अर्थशास्त्री यह सलाह देते हैं कि चांदी को केवल निवेश के रूप में देखना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार, भविष्य में चांदी के भाव में गिरावट की संभावना बनी हुई है, और यह देखते हुए कि मौजूदा कीमतें अत्यधिक बढ़ी हुई हैं, लंबी अवधि के निवेश के लिए इसमें जोखिम हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







