Share Market: भारतीय शेयर बाजार ने आज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और प्रमुख आर्थिक-राजनीतिक घटनाक्रमों का सीधा परिणाम था। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, खासकर अमेरिकी नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों के मद्देनजर।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय Share Market में बड़ी गिरावट: निवेशक चिंतित
Share Market में शुरुआती झटके और प्रमुख कारक
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83494 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 0.3 प्रतिशत लुढ़ककर 25600 पर आ गया। इस गिरावट के पीछे रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, विप्रो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और सिप्ला जैसे प्रमुख शेयरों में हुई बिकवाली एक मुख्य कारण रही।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आने वाले दिनों में दुनिया भर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा क्योंकि बड़े भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक घटनाक्रम बाजार को प्रभावित करेंगे।” उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रपति ट्रंप की संभावित विघटनकारी नीतियों का जिक्र किया, जिनके अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डॉ. विजयकुमार ने ग्रीनलैंड पर हाल ही में लगाए गए टैरिफ पर यूरोपीय देशों की संभावित प्रतिक्रिया पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने आगाह किया कि यदि ट्रंप 1 फरवरी को आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाते हैं और फिर 1 जून से इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देते हैं, तो यूरोपीय गुट की जवाबी कार्रवाई लगभग तय है, जिसका वैश्विक बाजारों पर गहरा असर पड़ सकता है।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
सोमवार को एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 0.85 प्रतिशत गिरा और टॉपिक्स 0.46 प्रतिशत नीचे लुढ़क गया। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.18 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कोस्डैक 0.15 प्रतिशत तक फिसल गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 दिन की शुरुआत में 0.19 प्रतिशत नीचे रहा, जो वैश्विक निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
इससे पहले, शुक्रवार, 16 जनवरी को अमेरिकी बाजार लगभग सपाट नोट पर बंद हुए। S&P 500 0.06 प्रतिशत गिरकर 6,940.01 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट भी 0.06 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,515.39 पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 83.11 अंक यानी कि 0.17 प्रतिशत लुढ़ककर दिन के आखिर में 49,359.33 पर बंद हुआ, जो बताता है कि वैश्विक बाजारों में पहले से ही दबाव बना हुआ था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इन वैश्विक संकेतों और घरेलू बिकवाली के दबाव ने भारतीय Nifty और सेंसेक्स दोनों पर असर डाला है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक और व्यापार संबंधी अनिश्चितताएं बनी रहेंगी, तब तक निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







