Stock Market: होटल सेक्टर में एक बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। लेमन ट्री होटल्स, एक प्रमुख होटल चेन, ने अपने ग्रुप स्ट्रक्चर को पूरी तरह से बदलने का ऐलान किया है, जिसके तहत कंपनी दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स में विभाजित होगी और ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वारबर्ग पिनकस एक बड़ा निवेश करेगी। यह कदम भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नए समीकरण स्थापित कर सकता है।
# भारतीय Stock Market में लेमन ट्री होटल्स का बड़ा दांव: 960 करोड़ के निवेश से बदलेगी तस्वीर
## Stock Market में लिस्टिंग की तैयारी: लेमन ट्री का नया खाका
लेमन ट्री होटल्स और उसकी सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने संगठन के पुनर्गठन को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत, दो अलग और पूरक प्लेटफॉर्म – लेमन ट्री होटल्स लिमिटेड और फ्लेउर होटल्स लिमिटेड – अस्तित्व में आएंगे। यह पुनर्गठन कंपनी के विकास और विस्तार के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इसी के साथ, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वारबर्ग पिनकस को भी इस नई व्यवस्था में निवेश का मौका मिलेगा। आपको बता दें, अमेरिकी इन्वेस्टमेंट फर्म वारबर्ग पिंकस लेमन ट्री की मौजूदा सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स में लगभग 960 करोड़ रुपये का विशाल निवेश करने जा रही है।
शुक्रवार, 10 जनवरी को बीएसई पर लेमन ट्री होटल्स का शेयर मूल्य 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 149.7 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ था। कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 7,418.78 करोड़ रुपये है। शनिवार को हुए शेयर परचेज एग्रीमेंट के अनुसार, वारबर्ग पिंकस की सहयोगी कंपनी कोस्टल सीडर इन्वेस्टमेंट BV फ्लेउर में APG स्ट्रेटेजिक रियल एस्टेट पूल N.V. के पास रखी गई पूरी 41.09 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। वारबर्ग यह 960 करोड़ रुपये का निवेश किस्तों में करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस महत्वपूर्ण लेन-देन के बाद, लेमन ट्री होटल्स की सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स भारतीय स्टॉक मार्केट पर एक अलग कंपनी के तौर पर लिस्ट होगी, जिसमें अनुमानित तौर पर 12-15 महीने का वक्त लग सकता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
## दो प्लेटफॉर्म्स: जिम्मेदारियों का स्पष्ट बँटवारा
प्रस्तावित योजना के तहत, लेमन ट्री होटल्स अब एक एसेट-लाइट मॉडल अपनाते हुए होटलों के प्रबंधन और ब्रांडिंग पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी। इसका मतलब है कि कंपनी संपत्तियों का स्वामित्व रखने के बजाय उन्हें प्रबंधित करने और अपने ब्रांड का विस्तार करने पर जोर देगी। वहीं, फ्लेउर होटल्स बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी का मालिकाना हक रखेगी और उन्हें विकसित करेगी। फ्लेउर को ग्रुप के होटल ओनरशिप प्लेटफॉर्म के तौर पर तैयार किया गया है, जिसके पास विकास की मजबूत क्षमताएं और एक अच्छी पाइपलाइन है। इसके इक्विटी शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट करने का भी प्रस्ताव है, जिससे निवेशकों को इस तेजी से बढ़ते सेक्टर में निवेश का एक नया अवसर मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह विभाजन दोनों कंपनियों को अपनी-अपनी मुख्य दक्षताओं पर ध्यान केंद्रित करने और तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगा, जिससे पूरे समूह के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी।


