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DESHAJ DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने स्वीकारा, बिहार में अपराधियों के गढ़ पटना, मुजफ्फरपुर व वैशाली

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 DESHAJ DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने स्वीकारा, बिहार में अपराधियों के गढ़ पटना, मुजफ्फरपुर व वैशालीपटना, देशज टाइम्स।  बिहार में पटना, मुजफ्फरपुर और वैशाली अपराधियों के गढ़ बन गए  हैं। अपराध की बढ़ती घटनाओं के बाद सीएम नीतीश कुमार के साथ अपराध को लेकर बुलायी गई समीक्षा  बैठक के बाद शुक्रवार को डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय और गृह सचिव अमिर सुबहानी ने संयुक्त संवादाता सम्मेलन में यह बात कही। डीजीपी ने कहा कि उनकी टीम इन दोनों शहरों में बढ़ते अपराध की घटनाओं को लेकर समीक्षा करेगी। साथ ही अपराध नियंत्रण में कोताही बरतने वाले बीस डीएसपी पर कार्रवाई की जाएगी। अपराध पर अंकुश के लिए आईजी भी महीनें  में 10 दिन अनुमंडल में कैंप करेंगे।
अनुमंडल स्तर की बड़ी घटनाओं की समीक्षा करने के साथ- साथ आईजी रात्रि विश्राम भी वहीं  करेंगे। पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को अपराध पर नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश देते हुए  कहा कि अब थानेदार से लेकर आईजी,डीआईजी, एसपी और डीएसपी भी अपने- अपने क्षेत्र  में 10 से लेकर 20 दिनों तक पेट्रोलिंग करेंगे। पेट्रोलिंग के दौरान अधिकारी लंबित  महत्वपूर्ण मामलों का अनुसंधान भी करेंगे।
डीजीपी ने संवादाता सम्मेलन में स्वीकारा की पटना, मुजफ्फरपुर और वैशाली अपराधियों के केंद्र बन गए हैं। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए डीजीपी की टीम पटना के 11 में से 9 अनुमंडलों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही पटना में पेट्रोलिंग का रोड मैप भी एडीजी स्तर के अधिकारी ही तैयार करेंगे। पेट्रोंलिंग कार का लोकेशन ट्रैक करने के लिए पटना पुलिस की सारी गाड़ियों में जीपीएम लगया जा रहा है ताकि यह ट्रैक किया जा सके कि पेट्रोलिंग कार कहां पर है। पटना में पेट्रोलिंग करने वाली गाड़ियों के पास शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के संवेदनशील थानों की सूची भी रहेगी ताकि जरुरत पड़ने पर वे तुरंत वहां पर संपर्क कर पहुंच सकें। शीघ्र ही यह व्यवस्था मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी लागू की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस को दो भागों में विभक्त किया जायेगा। एक टीम केस का अनुसंधान करेगी तो दूसरी टीम लॉ एंड आर्डर का काम देखेगी। थाना प्रभारी को इस काम में मदद के लिए दो एएसएचओ दिए जायेंगे जिसमें एक लॉ एंड आर्डर का काम देखेंगे तो दूसरा क्षेत्र में अपराध की घटनाओं की समीक्षा करेंगे। इसी प्रकार से जिस डीएसपी के पास ज्यादा अनुसंधान के मामले लंबित हैं, उनकी सुविधा के लिए उन्हें भी एक अपर पुलिस उपाधीक्षक दिए जाएगा। बिहार में फिलहाल करीब 1 लाख 40 हजार केस अनुसंधान के लिए लंबित हैं। DESHAJ DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने स्वीकारा, बिहार में अपराधियों के गढ़ पटना, मुजफ्फरपुर व वैशाली
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