back to top
⮜ शहर चुनें
जनवरी, 14, 2026

माघ मेला 2026: दूसरा स्नान और इसका असीम पुण्य

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Magh Mela 2026: हिंदू धर्म में माघ मेले का अत्यंत पवित्र और दिव्य स्थान है। सदियों से चली आ रही यह परंपरा भक्तों को मोक्ष और पुण्य की प्राप्ति का मार्ग दिखाती है। माघ के पवित्र महीने में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

- Advertisement -

माघ मेला 2026: दूसरा स्नान और इसका असीम पुण्य

माघ मेला 2026: दूसरा स्नान कब?

हिंदू धर्म में माघ मेले का अत्यंत विशेष धार्मिक महत्व है, और Magh Mela 2026 भी इसी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कहा जाता है कि माघ मेले में किया गया स्नान हजार पुण्य कार्यों के बराबर फल देता है। यह एक ऐसा समय होता है जब देवता भी पृथ्वी पर आकर गंगा-यमुना-सरस्वती के पवित्र संगम में डुबकी लगाते हैं, इसलिए इस अवसर पर स्नान का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शास्त्रों में माघ मास को तप, त्याग और स्नान के लिए सर्वोत्तम माना गया है। माघ मेले का पहला स्नान मकर संक्रांति पर होता है, जिसके बाद अन्य प्रमुख स्नान तिथियां आती हैं।

- Advertisement -

माघ स्नान की विधि और लाभ:

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
  • स्नान से पूर्व भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दें और उनका ध्यान करें।
  • स्नान के उपरांत साफ वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु और शिवजी की पूजा करें।
  • अपने सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करें, विशेषकर तिल, गुड़, कंबल और अन्न का दान शुभ माना जाता है।
  • शांत मन से मंत्रोच्चार करें और पवित्र भाव बनाए रखें।
यह भी पढ़ें:  Shattila Ekadashi 2026: मकर संक्रांति पर दुर्लभ महासंयोग, जानें व्रत विधि और महत्व

शुभ मुहूर्त (माघ मेले का दूसरा स्नान 2026):

स्नान पर्वसंभावित तिथि (वर्ष 2026)शुभ मुहूर्त
माघ मेले का दूसरा स्नानपौष पूर्णिमा के दिन(सटीक मुहूर्त की घोषणा की जाएगी)

माघ मास में कल्पवास करने की भी परंपरा है, जहाँ भक्त एक महीने तक संगम तट पर रहकर संयमित जीवन जीते हैं और आध्यात्मिक साधना करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पद्म पुराण के अनुसार, माघ मास में प्रयागराज में स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। यह पर्व आत्मशुद्धि और मोक्ष की कामना का प्रतीक है।

ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

मकरस्थे दिवानाथे माघे मासे तपस्विनी।
प्रयागे स्नानं कुर्यात स स्वर्ग गतिमाप्नुयात॥

- Advertisement -

माघ मेले का दूसरा स्नान, जो पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर होता है, अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में डुबकी लगाने से न केवल शारीरिक शुद्धता होती है, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। इस पुण्य अवसर पर दान-पुण्य और ईश्वरीय चिंतन से जीवन सफल होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

मुद्रास्फीति की बढ़ती चिंताएं: थोक मूल्य सूचकांक में उछाल से अर्थव्यवस्था पर दबाव

Inflation: भारतीय अर्थव्यवस्था में दिसंबर 2025 में थोक मुद्रास्फीति (WPI) में लगातार दूसरे महीने...

Makar Sankranti पर सेलेब्स का दिल छू लेने वाला जश्न: श्रेयस तलपड़े को पिता की याद, रानी मुखर्जी ने गुजरात में उड़ाई पतंग!

Makar Sankranti News: बॉलीवुड के सितारों के लिए मकर संक्रांति का त्योहार सिर्फ पतंगबाजी...

GeM Portal से बिहार के सूक्ष्म उद्यमों को मिलेगा राष्ट्रीय बाज़ार का महामार्ग: पटना में ‘जेम एक्सीलेंस इवेंट’ 16 को

पटना न्यूज़: GeM Portal: व्यापार की दुनिया में अवसर जब खुद चलकर दरवाज़े पर...

दमदार 2026 Renault Duster: नए इंजन और धांसू फीचर्स के साथ मचाएगी धूम!

2026 Renault Duster: भारत के एसयूवी बाजार में एक बार फिर हलचल मचाने की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें