दरभंगा, देशज टाइम्स। आखिरकार डीएमसीएच के डॉक्टरों की मनमानी जिला प्रशासन की नजर में आई। जब जिला सरकार शनिवार को पूर्वाह्न दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्तपाल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारी ने बारी-बारी से इमरजेंसी समेत सभी ओपीडी, फार्मेसी में जाकर हर चीज का निरीक्षण किया।
वहां उपस्थित चिकित्सकों व कर्मियों को सेवा में सुधार लाने का निर्देश दिया। सबसे पहले आपालकालीन चिकित्सा वार्ड पहुंचे जिला प्रशासन की सरकार को आपातकालीन चिकित्सा वार्ड में एक डॉक्टर अनुपस्थित मिले। इसके बाद ओपीडी मेडिसीन, ओपीडी सर्जरी, ओपीडी ऑर्थोपेडिक, ओपीडी,आंख व ईएनटी, ओपीडी पेडियेट्रिक (शिशु विभाग), ओपीडी डेंटल, ओपीडी साइकेट्रि(मनोरोग) वार्डों में जा-जाकर वहां की व्यवस्था का अवलोकन किया।
डीएमसीएच में सुबह नौ बजकर तीस मिनट तक कुल 784 मरीजों का निबंधन हुआ था। डीएमसीएच के ओपीडी रोस्टर ड्यूटी के अनुसार वार्डों में कुल पंद्रह चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए। इसमें इमर्जेसी वार्ड में एक चिकित्सक, ऑर्थोपेडिक में एक चिकित्सक, सर्जरी में सबसे ज्यादा सात चिकित्सक,आंख वार्ड में एक चिकित्सक, मनोरोग वार्ड में एक चिकित्सक व डेंटल वार्ड में चार चिकित्सक शामिल हैं। जिला प्रशासन ने इसे स्वास्थ्य सेवा में एक बड़ी लापरवाही मानते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण पूछने व उनके एक जून के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशान ने अस्पताल अधीक्षक को डीएमसीएच के सभी वार्डों में डॉक्टरों की उपस्थिति तय कराने को कहा है। डीएमसीएच के ओपीडी में डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टाफ को ठीक आठ बजे पूर्वाह्न उपस्थित हो जाने का निर्देश दिया है। ओपीडी में ही डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ को उपस्थिति पंजी में हाजिरी अंकित करने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक को कहा गया कि डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी स्पष्ट होनी चाहिए। डीएम एसएम त्यागराजन के इस कार्रवाई से अस्पताल के डॉक्टरों में हड़कंप है। 








You must be logged in to post a comment.