बिहार के हर प्रखंड के दो स्कूलों में अब आधार मशीन लगाई जाएंगी। यह फैसला, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने करते हुए कहा है कि साधन संपन्न विद्यालय जहां पर छात्र कोष, विकास कोष में पर्याप्त राशि हों वहां पर आधार मशीनें लगाईं जाएंगी।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक को इसके लिए अधिकृत किया जाएगा। तय किया जाएगा किस स्कूल में कम से कम बीस एमबीपीएस की लीज लाइन है, वहां यह मशीनें लगाई जाएंगी ताकि छात्रों का आधार कार्ड बन सके। साथ ही संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को अधिकृत किया जाएगा कि वे दो डाटा एंट्री ऑपरेटर रखें। यह डाटा ऑपरेटर आधार मशीनों को संचालित करेंगे।






जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने राज्य परियोजना निदेशक को पत्र लिखते हुए कहा है कि 27 जून को आयोजित बैठक के अनुसार, आधार मशीनों को लगाने का फैसला किया गया था। इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद को अधिकृत करने निर्णय किया गया था।
उन्होंने बताया जो 1058 आधार मशीनें उपलब्ध हैं और गोदामों पिछले पांच सालों से पड़ी हैं उनका उपयोग प्रत्येक ब्लॉक के दो स्कूलों में करना है। केके पाठक ने अपने पत्र में कहा है कि प्रत्येक प्रखंड में दो आधार मशीनें लगनी है। यह मशीनें कहां लगानी है इस पर भी चर्चा हो चुकी है।
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक ने सुझाव दिया था कि दोनों आधार मशीनें प्रखंड संसाधन केंद्र में न लगाकर किसी साधन संपन्न हाई स्कूल या माध्यमिक विद्यालयों में लगाई जाएं जिससे लीज लाइन की सुविधा मिल सके। ऐसे में, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने राज्य परिजयोजना निदेशक को पत्र लिखकर कहा है कि जल्द ही इसे चालू किया जाय, ताकि बच्चों का आधार कार्ड बन सके।








