Bihar Pashupalan: लखीसराय जिले में पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बिहार पशुपालन क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत चानन प्रखंड के गोपालपुर गांव में अत्याधुनिक फ्रोजन सीमेन स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 100 से 110 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसका सीधा लाभ राज्य के पशुपालकों को मिलेगा।
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शनिवार को प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक केंद्र लगभग 80 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा। इस स्टेशन में प्रतिवर्ष 50 लाख डोज सीमेन उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसमें खास तौर पर सेक्स-सॉर्टेड सीमेन पर जोर रहेगा। इससे पशुपालकों को लगभग 90 प्रतिशत तक बछिया पैदा होने की संभावना होगी।
अत्याधुनिक केंद्र से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन
यह परियोजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत स्वीकृत की गई है। बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) को इसके कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। राज्य कैबिनेट ने 13 मई 2026 को इस परियोजना के लिए 79.92 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दी थी। वर्तमान में, भूमि का सर्वे, सीमांकन और क्वारंटाइन सेंटर की तैयारी का काम प्रगति पर है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बड़ी पहल
मंत्री ललन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि इस केंद्र की स्थापना से कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध हो पाएंगे। इसका सीधा परिणाम दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के रूप में सामने आएगा, जिससे पशुपालकों की आय में महत्वपूर्ण सुधार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के टाल और दियारा क्षेत्रों के विकास के बाद अब चानन प्रखंड के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय विकास और रोजगार के अवसर
स्थानीय ग्रामीणों ने इस परियोजना का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस फ्रोजन सीमेन स्टेशन से क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। यह कदम न केवल पशुधन क्षेत्र में क्रांति लाएगा, बल्कि पूरे लखीसराय जिले के समग्र विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।







