बिहार में अब अदालतों के वकीलों का चयन राज्य स्तरीय कमेटी करेगी। इसके लिए डीएम और जिला जज वकीलों का पैनल बनाकर भेजेंगे। ऐसे में, अब सरकारी वकीलों का चयन तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जो बनने जा रही है।
पहले विभागीय मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी ही चयन करती थी। अब इसकी प्रक्रिया नए सिरे से तय की गयी है। हालांकि, अब भी अंत में विभाग के पास ही सूची अनुमोदन के लिए आएगी।






यह कमेटी जिलास्तर पर पीपी, जीपी, एपीपी, एजीपी, हाईकोर्ट के लिए एडिशनल एडवोकेट जनरल, गवर्नमेंट एडवोकेट, प्लीडर, स्टैंडिंग काउंसिल, पब्लिक प्रोसिक्यूटर और सुप्रीम कोर्ट के लिए एडिशनल एडवोकेट जनरल और स्टैंडिंग काउंसिल का चयन करेगी।
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में सरकारी वकीलों के चयन के लिए भी नयी नियमावली बनायी गयी है। अब सरकारी वकीलों के चयन के लिए तीन सदस्य कमेटी बनेगी।
नई नियमावली में सरकारी वकील प्राइवेट प्रैक्टिस करेंगे या नहीं या फिर इसका स्वरूप क्या होगा, इन सबका स्पष्ट प्रावधान है। पहले विभागीय मंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी ही चयन करती थी। अब इसकी प्रक्रिया नए सिरे से तय की गयी है। हालांकि अब भी अंत में विभाग के पास ही सूची अनुमोदन के लिए आएगी।
एडवोकेट जनरल की अध्यक्षता में कमेटी होगी। इसमें विधि सचिव और विधि विभाग के संयुक्त सचिव सदस्य होंगे। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार विधि पदाधिकारी (वचनबद्धता) नियमावली 2023 की सहमति दे दी गयी।
अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि नए प्रावधान के तहत जिला स्तर पर डीएम और जिला जज वकीलों का पैनल बनाकर भेजेंगे। बाद में राज्यस्तरीय कमेटी इनका चयन करेगी।








