वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा (Veer Kunwar Singh University Arrah) का परीक्षा विभाग अपनी कारगुजारियों के कारण अपने हीं निर्णय को वापस लेकर बैक फुट पर आ गया है।






पहले पढ़िए क्या कह रहे हैं परीक्षा नियंत्रक
वीकेएसयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनवर इमाम ने सोमवार को बताया कि छात्रों,छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा मूल डिग्री की राशि वसूल किये जाने की आपत्ति को देखते हुए परीक्षा शुल्क के साथ मूल डिग्री के लिए लिए जाने वाली पांच सौ रुपये की राशि के फैसले को फिलहाल वापस ले लिया गया है।
इससे संबधित अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि स्नातक खण्ड तीन सत्र 2018-21 के परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रो से अब सिर्फ परीक्षा शुल्क की राशि ही जमा कराई जाएगी।
अब पढ़िए क्या है हकीकत
स्नातक खण्ड तीन सत्र 2018-21 के परीक्षा फार्म भरे जाने की अधिसूचना जारी करने के साथ ही विवि के परीक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर दिया जिसमें परीक्षा फार्म भरने के दौरान परीक्षा शुल्क के साथ साथ मूल डिग्री के शुल्क के रूप में पांच सौ रुपये जमा करने का निर्देश दे दिया गया था।
परीक्षा विभाग द्वारा बिना परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिए और बिना वित्त समिति के अनुमोदन के परीक्षा शुल्क की राशि के साथ साथ मूल डिग्री के लिए पांच सौ रुपये लेने की घोषणा का चौतरफा विरोध शुरू हुआ तो कुलपति प्रो.केसी सिन्हा के आदेश के बाद इस निर्णय को वापस ले लिया गया है।
वर्ष 2012 वर्ष 2013 और वर्ष 2014 में भी स्नातक खंड तीन की परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र छात्राओं से मूल डिग्री देने के नाम पर शुल्क लिए गए थे किंतु आज तक कॉलेजों में ऐसे छात्रों की मूल डिग्री नही भेजी गई है। ऐसे छात्र आज जब मूल डिग्री के लिए विवि पहुंचते हैं तो उन्हें दुबारा मूल डिग्री के लिए शुल्क जमा कर मूल डिग्री निकालनी पड़ती है।
अब जबकि छात्र,छात्र संगठन और सिंडिकेट सदस्यों द्वारा भी मूल डिग्री के लिए शुल्क लेने संबंधी आदेश पर विरोध जताया गया है तब विवि के कुलपति प्रो.केसी सिन्हा ने इस निर्णय को वापस लेने का आदेश जारी कर दिया है।








