बेनीपुर, देशज टाइम्स। मानसून की पहली बारिश से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं, कसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बहुतायत किसान अपने खेतों में धान की बिचड़ा डालने को तत्परता दिखा रहे हैं। वहीं, गाहे-बगाहे निजी सिंचाई साधनों की बदौलत बीज पाल कर रोपनी की आस में बैठे किसान धान की फसल लगाने में जुट गये हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र के किसान पिछले कई वर्षों से बाढ़ सुखाड़ की दोहरी मार झेल रहे हैं। इससे किसानों की माली हालत दिनानुदिन बिगड़ती जा रही है। इस बीच पिछले छह माह से क्षेत्र में एक भी बूंद पानी नहीं बरसी।






इससे, एक तरफ भीषण सुखाड़ की दस्तक मिल रही थी। गांव घर में लगाए गए हैंड पंप पानी देना बंद कर दिया था। लोग प्यास बुझाने के लिए भी जल नल योजना एवं टैंकर के पानी के भरोसे जी रहे थे। लेकिन, मानसून की दस्तक पिछले एक सप्ताह पूर्व होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रचंड धूप एवं भीषण गर्मी लोग झेलने को मजबूर थे।
गत मंगलवार की देर रात से बूंदाबांदी एवं रिमझिम फुहारों के बीच इंद्रदेव ने कृपा बरसाना प्रारंभ किया। इससे आम लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, निजी सिंचाई के बल पर बिचड़ा पाले किसान खेतों में धान का फसल रोपाई करना शुरू कर दिया है।
दूसरी ओर, मौसम की मार झेल रहे किसानों ने अंधाधुंध खेतों में बिचड़ा डालना प्रारंभ कर दिया है। इससे एक बार फिर खरीफ की फसल का आच्छादन पूरा होने का भरोसा जगने लगी है।
पोहद्दी गांव के किसान सुशील चौधरी, वकील मुखिया, अमरनाथ झा, रामनरेश झा, डखराम के गगनेंद्र झा, ललन झा, सुरेश झा ने देशज टाइम्स को बताया कि वर्तमान स्वाती नक्षत्र किसानों के लिए सुखदाई साबित हो रहा है। आद्रा नक्षत्र तो किसानों को दगा ही दिया। लेकिन, इस नक्षत्र ने किसानों के चेहरे पर रौनक ला दिया है।
जहां, कुछ किसान धान की रोपनी में लग गए हैं। वहीं, अधिकांश किसान धान का बिचड़ा डाल रहे हैं। इससे धान के फसल होने की सुखद अहसास होने लगी है। साथ ही गर्मी से त्रस्त लोगों ने मौसम सामान्य होने पर राहत की सांस ली है।







