Bihar Panchayat Secretary: दरभंगा जिले में वित्तीय अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई हुई है। कुशेश्वरस्थान प्रखंड की बेरि पंचायत में 15वें वित्त आयोग की योजना में हुए घोटाले के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव कमलेश कुमार यादव का एक साल का वेतन वृद्धि रोक दिया गया है। यह फैसला जिलाधिकारी कौशल कुमार के आदेश पर लिया गया है, जो दरभंगा में सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को दर्शाता है।
मुखिया के परिजनों को मजदूर दिखाकर हुआ भुगतान
जांच में सामने आया कि बेरि पंचायत में मुखिया के परिजनों को मजदूर दिखाकर ₹92,770 का भुगतान कर दिया गया था। यह अनियमितता 15वें वित्त आयोग की योजनाओं के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना है। इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे।






बिहार पंचायत सचिव पर गिरी गाज, सेवा पुस्तिका में होगी एंट्री
इस पूरे मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव कमलेश कुमार यादव को दोषी पाया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई की एंट्री कमलेश कुमार यादव की सेवा पुस्तिका में भी की जाएगी, जिससे भविष्य में उनके रिकॉर्ड पर इसका असर रहेगा।
यह कार्रवाई स्थानीय निकायों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।








