राजनीतिक दल अब वित्तीय लेखा-जोखा अब ऑनलाइन दाखिल कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने इस कार्य के लिए एक वेब-पोर्टल शुरू किया है। आयोग, वित्तीय विवरण ऑनलाइन दाखिल न करने के लिए पार्टी की ओर से भेजे गए औचित्य पत्र के साथ, ऐसी सभी रिपोर्टों को ऑनलाइन प्रकाशित करेगा।
यह कदम भौतिक रिपोर्ट दाखिल करने में कठिनाइयों को दूर करने और मानकीकृत प्रारूप में समय पर रिपोर्ट दाखिल करना सुनिश्चित करने के लिए दोहरे उद्देश्यों के साथ उठाया गया है। इसमें योगदान रिपोर्ट, लेखापरीक्षित वार्षिक खाता और चुनाव व्यय विवरण दाखिल किया जा सकता है। आयोग ने यह कदम भौतिक रिपोर्ट दाखिल करने में कठिनाइयों को दूर करने के साथ निर्धारित प्रारूप में समय पर लेखा-जोखा दाखिल करने के उद्देश्य से उठाया है।






निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों को जारी किए गए पत्र में बताया कि योगदान रिपोर्ट, लेखापरीक्षित वार्षिक खाता और चुनाव व्यय विवरण की ऑनलाइन फाइलिंग की सुविधा के लिए एक नया वेब-पोर्टल (https://iems.eci.gov.in/) शुरू किया गया है।
यह कदम पोल पैनल की “3 सी रणनीति” का हिस्सा है, जिसमें राजनीतिक फंडिंग और व्यय में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए सफाई, कार्रवाई और अनुपालन शामिल है, जिस पर आयोग मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के अधीन एक साल से काम कर रहा था।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और आयोग की ओर से समय-समय पर जारी पारदर्शिता दिशानिर्देशों के अनुसार राजनीतिक दलों को वित्तीय विवरण चुनाव आयोग,राज्यों,केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को प्रस्तुत करना आवश्यक है।
आयोग ने साथ ही कहा कि जो राजनीतिक दल ऑनलाइन मोड के माध्यम से वित्तीय रिपोर्ट दाखिल नहीं करेंगे, उन्हें लिखित रूप में ऐसा न करने का कारण बताना होगा। और, वे निर्धारित प्रारूप में सीडी या पेन ड्राइव के साथ हार्ड कॉपी प्रारूप में रिपोर्ट दाखिल करना जारी रख सकते हैं।








