Bihar Land Registry: बिहार में जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। राज्य सरकार ने जमीन के सर्किल रेट में भारी संशोधन किया है, जिसके बाद जमीन की रजिस्ट्री पहले की तुलना में काफी महंगी हो गई है। नए नियम 19 जून से पूरे बिहार में लागू कर दिए गए हैं, जिसका सीधा असर जमीन की खरीद-बिक्री पर दिख रहा है। वहीं सरकार ने फर्जी दाख़िल खारिज पर पूरी तरह से रोक लगा दिया है।
संशोधित दरों के तहत शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क लगभग दोगुना हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह करीब 1.6 गुना तक बढ़ा है। इसका मतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब जमीन खरीदने पर लगभग 60 प्रतिशत अधिक खर्च करना होगा। यह बदलाव लंबे अंतराल के बाद किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की सरकारी दरों में आखिरी बार वर्ष 2013 में संशोधन हुआ था, जबकि शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2016 के बाद पहली बार सर्किल रेट बदले गए हैं।






शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा रजिस्ट्री का बोझ
सरकार की नई व्यवस्था के तहत, शहरी क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री कराने पर लोगों को पहले के मुकाबले लगभग दोगुना खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी रजिस्ट्री शुल्क में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस बदलाव का असर रियल एस्टेट बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। कई लोग अब जमीन खरीदने से पहले नए शुल्क का आकलन कर रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थायी सुस्ती आ सकती है।
वीरपुर अवर निबंधन कार्यालय के अवर निबंधक सह विशेष विवाह पदाधिकारी अविनय कुमार ने बताया, ‘बिहार सरकार के निर्देश के अनुसार 19 जून से नई दरों पर ही सभी जमीनों का निबंधन किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं, जिससे जमीन की वैल्यू में भी बढ़ोतरी हुई है।’
सरकारी राजस्व में वृद्धि, आम आदमी पर आर्थिक दबाव
नए सर्किल रेट लागू होने से राज्य सरकार को राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो सरकारी खजाने के लिए एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, दूसरी ओर जमीन खरीदने वाले आम लोगों की जेब पर इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बाजार दरों और मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, लेकिन इसका सीधा असर जमीन की खरीद-बिक्री, निबंधन शुल्क और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। अब लोगों को जमीन खरीदने के लिए पहले से अधिक वित्तीय तैयारी करनी होगी।








