घोघरडीहा,मधुबनी देशज टाइम्स। पिछले दिनों प्रखंड कार्यालय को निबंधित डाक से दो वार्ड सदस्यों का त्यागपत्र मिला। जिसे देखकर बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज को शंका हुई। जिसके बाद बीडीओ ने दोनों वार्ड सदस्यों को प्रखंड कार्यालय बुलाया। शनिवार को जब उक्त दोनों वार्ड सदस्य बीडीओ के पास पहुंचे तो अपना त्यागपत्र देखकर दंग रह गए।
वार्ड सदस्यों ने त्यागपत्र को फर्जी और राजनीति से प्रेरित बताया। मामला प्रखंड के सांगी पंचायत का है,जहां से वार्ड 12 के वार्ड सदस्य शहनाज खातून और वार्ड 1 से वार्ड सदस्य उपेन्द्र यादव का कंप्यूटर प्रिंटेड त्यागपत्र निबंधित डाक से बीडीओ कार्यालय पहुंचा। त्यागपत्र बीडीओ के नाम संबोधित है।






इसमें अपने निजी कारणों से त्यागपत्र देने की बात कही गई है। जिसे देखते ही बीडीओ समझ गए कि इसमें कोई बड़ा फर्जीवाड़ा है।बीडीओ ने जब वार्ड सदस्यों को बुलाया तो फर्जीवाड़ा का खुलासा हो गया।
बीडीओ ने इस प्रकार के कृत को प्रशासन को गुमराह करने वाला संगीन अपराध माना है। वहीं इस बाबत सांगी पंचायत के मुखिया संतोष साह से पूछने पर उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है लेकिन समझ में नही आ रहा है कि इस प्रकार का कृत किसने किया है।
उन्होंने कहा मैं वार्ड सदस्यों को हमेशा कहता हूं कि किसी भी कागजात पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे पढ़ व पढ़वाकर अवश्य समझ लें। बीडीओ श्री धीरज ने बताया कि बिहार पंचायती राज नियमावली के अनुसार ग्राम पंचायत के निर्वाचित वार्ड सदस्य अपना हस्तलिखित त्यागपत्र ग्राम पंचायत के मुखिया को देंगे।
मुखिया त्यागपत्र प्राप्ति के बाद वार्ड सदस्य को त्यागपत्र वापस लेने के लिए पत्र प्राप्ति की तिथि से सात दिनों तक का समय देंगे। सात दिनों के बाद भी अगर त्यागपत्र वापस नही लिया जाता है तो मुखिया उस वार्ड सदस्य का त्यागपत्र स्वीकृत कर इसकी सूचना प्रखंड पंचायतीराज पदाधिकारी एवं पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी सह बीडीओ को देंगे। तत्पश्चात कार्यपालक पदाधिकारी पद रिक्त होने की सूचना विहित प्रपत्र में भरकर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजते हैं।








