राजीव सिंह, सिंहवाड़ा, देशज टाइम्स। आशा ने सरकारी कर्मचारी घोषित करने, प्रोत्साहन राशि के बदले मानदेय देने, एक हजार के बदले कम से कम दस हजार राशि देने की मांग को लेकर शनिवार को सिंहवाड़ा सीएचसी का घेराव किया।
अस्पताल के मुख्य द्वार पर आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगो के समर्थन में नारेबाजी कर आक्रोश जताया। आशा महासंघ की प्रखंड अध्यक्ष चमन आरा के नेतृत्व में स्लोगन के माध्यम एक हजार में दम नहीं दस हजार से कम नहीं, सरकारी सेवक घोषित करने का गगन भेदी नारे आशा कार्यकर्ता लगा रहे थे।






मौके पर आयोजित सभा को संबोधित कर वक्ताओं ने कहा कि कोविड-19 के समय जान की परवाह किए बिना राष्ट्र सेवा आशा ने किया। फिर भी केंद्र व राज्य सरकार सामाजिक सरोकार के कार्य करने वाले पर ध्यान नहीं दे रही है। स्वास्थ्य विभाग भी मौन में है।
स्वास्थ्य मंत्री सह उप मुख्य मंत्री तेजस्वी यादव को इस ओर ध्यान केंद्रित कर आशा को न्याय देनी चाहिए। अस्पताल मुख्य द्वार पर नारेबाजी के कारण परिसर में अफरा तफरी का माहौल रहा।
आशा कार्यकर्ता संघ के आह्वान पर चल रहे क्रांतिकारी आंदोलन में बड़ी आशा कार्यकर्ताओं व फैसिलिटेटर ने भाग लिया। इस मौके पर आयोजित सभा को आशा देवी, ममता देवी, उषा देवी, रीता देवी, कल्याणी देवी, अफसाना खातून, गुड़िया देवी आदि ने संबोधित किया। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीज को कठिनाई का सामना करने पङा।








