Khan Sir: पटना: पटना सिविल कोर्ट ने चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला टाल दिया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश की गई केस डायरी को अधूरा पाया, जिसके बाद जांच एजेंसी को पूरी केस डायरी जमा करने का निर्देश दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जून को होगी। वहीं, इस बीच रोशन आनंद से जुड़े अभिषेक और गौरव को कोर्ट से जमानत मिल गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपडेटेड केस डायरी पेश की थी। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड अधूरे थे और पुलिस को जांच के सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नतीजतन, खान सर की अग्रिम जमानत याचिका या उनके सुरक्षाकर्मियों की जमानत अर्जियों पर कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हो सका। दोनों मामलों में अगली सुनवाई शनिवार, 27 जून को निर्धारित की गई है।






पुलिस डायरी में चौंकाने वाला खुलासा
सुनवाई के दौरान पेश की गई जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा जमा की गई अपडेटेड केस डायरी में कहा गया है कि जांच के दायरे में आई गोलीबारी की घटना आत्मरक्षा में नहीं थी। रिपोर्ट में कथित तौर पर दावा किया गया है कि दोनों सुरक्षाकर्मियों ने खान सर के निर्देश पर दहशत फैलाने के इरादे से गोली चलाई थी। इन निष्कर्षों की आगे की अदालती कार्यवाही के दौरान जांच होने की उम्मीद है।
इससे पहले 20 जून को कोर्ट ने खान सर को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने खान सर से जुड़े तीन अन्य कर्मचारियों को भी इसी तरह की सुरक्षा दी थी। केस डायरी और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के बाद, कोर्ट ने अंतरिम राहत जारी रखने का फैसला किया, जबकि जांच एजेंसी से अतिरिक्त रिकॉर्ड मांगे गए हैं। खान सर के वकील अरविंद कुमार मौर्य ने पहले कहा था कि कोर्ट ने फिलहाल उनके मुवक्किल को गिरफ्तारी से सुरक्षा दी है और आगे का फैसला केस डायरी और अन्य सबूतों की जांच पर निर्भर करेगा। खान सर ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में गोलीबारी की घटना में किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है और दावा किया है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
रोशन आनंद के सहयोगियों को मिली जमानत
अलग से, अभिषेक और गौरव की जमानत याचिकाओं पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को नियमित जमानत दे दी। रोशन आनंद के वकील राघव कुमार ने बताया कि कोर्ट ने बिना शर्त जमानत अर्जियों को स्वीकार कर लिया है और अब उन्हें बेउर जेल से रिहा करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की जाएगी।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला पटना के एक कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसा और कथित गोलीबारी की घटना से जुड़ा है। इस विवाद ने काफी सार्वजनिक ध्यान आकर्षित किया है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं। जेल से रिहा होने के बाद रोशन आनंद ने खान सर पर उनके खिलाफ साजिश रचने और अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। इन आरोपों और संबंधित कानूनी कार्यवाही की जांच अभी जारी है।
रोशन आनंद के दो सहयोगियों को जमानत मिलने और खान सर तथा उनके सहयोगियों द्वारा दायर याचिकाओं पर अभी कोई फैसला न होने के कारण, अब सभी का ध्यान 27 जून की सुनवाई पर केंद्रित है। कोर्ट से उम्मीद है कि वह पूरी केस डायरी की समीक्षा करेगा और मामले में आगे की कार्रवाई तय करने से पहले लंबित जमानत मामलों की सुनवाई करेगा।








