Bihar Education Department: बिहार के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य के शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों में कार्यरत NET, JRF और PhD योग्यताधारी शिक्षकों का विस्तृत डेटा मांगा गया है, जिससे कॉलेज में संभावित नियुक्तियों का रास्ता खुल सके।
जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने इस संबंध में सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि राजकीय, राजकीयकृत और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को नेट, जेआरएफ और पीएचडी की योग्यता रखने वाले शिक्षकों की सूची तैयार कर भेजनी होगी।






कॉलेज बहाली के लिए विषयवार शिक्षकों का ब्योरा अनिवार्य
शिक्षा विभाग द्वारा मांगी गई सूची में शिक्षकों का विषयवार विवरण शामिल करना अनिवार्य है। इसमें अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षकों की जानकारी शामिल होगी। इसका उद्देश्य यह है कि कॉलेज स्तर पर विषयवार योग्य शिक्षकों की सटीक पहचान की जा सके और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके।
30 जून तक जमा करनी होगी पूरी रिपोर्ट
शिक्षकों का पूरा शैक्षणिक डेटा देना अनिवार्य किया गया है। प्रधानाध्यापकों को एक कॉलमवार प्रारूप में शिक्षक का नाम, पदनाम, विद्यालय का नाम व प्रखंड, यू-डायस कोड, साथ ही पीएचडी और नेट की स्थिति तथा उत्तीर्ण वर्ष का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा। डीईओ साकेत रंजन ने सभी प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिया है कि यह पूरी सूचना 30 जून 2026 तक हर हाल में जिला शिक्षा कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए।
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की पहल
यह पहल बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नए राजकीय कॉलेजों में योग्य शिक्षकों की कमी को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। शिक्षा विभाग के इस कदम से उन शिक्षकों को कॉलेज स्तर पर अध्यापन का अवसर मिल सकता है, जिनके पास NET, JRF और PhD जैसी उच्च योग्यताएं हैं। यह प्रक्रिया राज्य में उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए नई संभावनाएं खोलेगी।








