मुख्य बातें: जिला पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में धावा दल की ओर विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में चलाया गया सघन जांच अभियान
समीर कुमार मिश्रा, मधुबनी, देशज टाइम्स। सदर अनुमंडल मधुबनी के क्षेत्र-प्रखंडों में बाल श्रमिकों की विमुक्ति के लिए जिला पदाधिकारी, मधुबनी के निर्देश के आलोक में धावा दल की ओर से विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया।

इसी क्रम में अल ग्लास वर्क्स, सकरी रोड, से एक (1) बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। विमुक्त बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति, मधुबनी के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशा नुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है।
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत नियोजक के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम
(प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है तथा बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को ₹20000 से ₹50000 तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय की ओर से एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार 1996 में दिए गए आदेश के आलोक में नियोजकों से ₹20000 प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जाएगी जो जिलाधिकारी के पदनाम से संधारित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा किया जाएगा।
इस राशि को जमा नहीं कराने वाले नियोजक के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा।आज की इस धावा दल टीम के सदस्य के रूप में गोविंद कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रहिका, हितेश कुमार भार्गव श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी खजौली,
अनूप शंकर, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, राजनगर, राजेश कुमार सिंह,श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बाबूबारही, रत्ना कुमारी, सर्वो प्रयास संस्था के प्रतिनिधि,एवं मधुबनी थाना की पुलिस टीम शामिल थे।
धावा दल की टीम के द्वारा आज मधुबनी नगर के क्षेत्रों एवम प्रखंड में सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान में सघन जांच की गई तथा सभी नियोजको से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने हेतु एक शपथ पत्र भरवाया गया।
श्रम अधीक्षक की ओर से बताया गया कि धावा दल नियमित रूप से प्रत्येक सप्ताह संचालित होगा तथा मधुबनी शहर के अलावा सभी अनुमंडल मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालयों में भी धावा दल संचालित किया जाएगा तथा बाल श्रमिकों को नियोजित करने वाले नियोजकों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

















