दरभंगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) में आज से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुरू हो गई है। इसके चलते OPD सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं।
रोज़ाना करीब 3,000 मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन आज सभी को बिना इलाज लौटना पड़ा।






मरीजों की पीड़ा, सैकड़ों रुपये खर्च – समय भी बर्बाद
अस्पताल में हड़ताल और अव्यवस्था से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोई कान का इलाज कराने आया था तो किसी को बेटे की आंख दिखानी थी, लेकिन इलाज न मिलने के कारण सभी को खाली हाथ लौटना पड़ा। मरीजों का कहना है कि आने-जाने में सैकड़ों रुपये खर्च हो गए, समय भी बर्बाद हुआ और अस्पताल में गंदगी व मच्छरों की भरमार से हालात और भी खराब दिखे। कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अस्पताल को बंद ही कर देना चाहिए।
इमरजेंसी चालू, लेकिन सामान्य मरीज बेहाल
हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी सेवाएं फिलहाल चालू हैं। लेकिन OPD बंद होने से हजारों मरीज, जो दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, बेगूसराय, पूर्णिया और नेपाल तक से आते हैं, भटक रहे हैं।
जूनियर डॉक्टरों की 6 सूत्री मांगें
PG के बाद बॉन्ड पोस्टिंग अवधि 3 से घटाकर 1 साल की जाए।
उस एक साल की सेवा को सीनियर रेजिडेंट अनुभव प्रमाणपत्र के रूप में मान्यता मिले।
बॉन्ड पेनाल्टी 25 लाख से घटाकर 10 लाख की जाए।
बॉन्ड की रकम जमा करने की समय सीमा कम की जाए।
(अन्य मांगों पर भी चर्चा जारी है।)
अधीक्षक शिला कुमारी ने कहा —
अधीक्षक शिला कुमारी ने हड़ताल की पुष्टि की और कहा –
“वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश हो रही है।”
अस्पताल प्रशासन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक सहमति नहीं बनी है।








