Bihar Sanskrit University: दरभंगा स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित बकाया वेतन और पेंशन के भुगतान के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस शिविर में पूरे प्रदेश से 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे कर्मचारियों को जल्द ही अपने बकाए के भुगतान की उम्मीद है।
विशेष शिविर में जुटी आवेदकों की भीड़, 200 से ज्यादा अर्ज़ियां
संस्कृत विश्वविद्यालय के दरबार हॉल में 28 जुलाई, 2026 को समाप्त हुए इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की वित्तीय समस्याओं का समाधान करना था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा। शिविर के दौरान ठंडे पानी, चाय और नाश्ते की भी व्यवस्था की गई थी, ताकि दूर-दराज से आए कर्मचारियों को किसी तरह की असुविधा न हो। दूसरे दिन कुलसचिव डॉ दिनेश झा और वित्त पदाधिकारी डॉ पवन कुमार झा के नेतृत्व में लेखा विभाग के कर्मियों ने आवेदनों को स्वीकार किया और कर्मचारियों की जिज्ञासाओं को शांत किया।






पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया, ‘दो दिनों में भुगतान संबंधी करीब दो सौ से अधिक आवेदन दिए गए हैं। सभी आवेदनों की अब समीक्षा की जाएगी।’
पेंशन आवेदनों पर होगी प्राथमिकता से कार्रवाई
एसओ सह अंकेक्षक अभिषेक कुमार झा ने जानकारी दी कि दूसरे दिन लगभग 90 आवेदन प्राप्त हुए, जिससे कुल आवेदनों की संख्या 200 से अधिक हो गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेंशन से संबंधित आवेदनों पर प्रक्रिया पहले शुरू की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार सभी पात्र कर्मचारियों को उनके बकाए का भुगतान किया जाएगा। लेखा सहायक रणजीत ठाकुर और शम्भूनाथ झा के साथ-साथ लेखा कर्मी राजन कुमार झा ने पूरे दिन शिविर के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
इन आवेदनों की गहन समीक्षा के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही भुगतान प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे सैकड़ों कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह कदम बिहार संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।








