Madhubani CSP Loot: बिहार के मधुबनी जिले में सीएसपी संचालक अनिता कुमारी के साथ हुई लूट की घटना का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में एक ‘लाइनर’ समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के बाद की है, जिससे इलाके में राहत की सांस ली गई है।
बेनीपट्टी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमित कुमार ने मंगलवार को इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए सीतामढ़ी जिले के पुपरी थाना क्षेत्र निवासी पप्पू ठाकुर के बेटे गुलशन कुमार को मौके पर ही पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था। इस शुरुआती सफलता के बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने आगे की कार्रवाई की।






पुलिस ने ऐसे दबोचे मुख्य आरोपी और ‘लाइनर’
एसआईटी ने गुलशन कुमार से मिली निशानदेही के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। टीम ने साहरघाट थाना क्षेत्र के बसवरिया निवासी राम बल्लम ठाकुर के बेटे मनोज कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जांच और पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए। यह सामने आया कि लूट की पूरी साजिश बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के रजघट्टा गांव निवासी राजदेव मुखिया के बेटे संतोष मुखिया ने रची थी, जो अभी फरार है।
एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया, ‘सीएसपी केंद्र की गतिविधियों और नकदी संबंधी जानकारी मनोज कुमार शर्मा लगातार बदमाशों को उपलब्ध करा रहा था। इसी सूचना के आधार पर आरोपियों ने योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया।’
पुलिस के अनुसार, साहरघाट निवासी स्वर्गीय शत्रुघ्न झा के बेटे आशुतोष झा ने वारदात को अंजाम देने के लिए पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। संतोष मुखिया और आशुतोष झा फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
बरामद हुए लूटे गए सामान, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटा गया बैग, पांच हजार रुपये नकद और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। इस मामले में फरार चल रहे संतोष मुखिया और आशुतोष झा सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।








