Bihar Shravani Mela: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में भागलपुर के सुल्तानगंज में एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया गया है। 25 बिहार बटालियन एनसीसी भागलपुर के कैडेट्स ने नमामि गंगे घाट पर गंगा सफाई अभियान चलाकर श्रद्धालुओं को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पहल जलवायु समर्थ पंचायत अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य आस्था के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्लास्टिक हटाओ, गंगा बचाओ: एनसीसी कैडेट्स का संकल्प
एनसीसी कैडेट्स ने नमामि गंगे घाट पर मौजूद प्लास्टिक और अन्य कचरे को साफ किया। इस दौरान उनके हाथों में ‘प्लास्टिक हटाओ, गंगा बचाओ’ जैसे संदेश लिखी तख्तियां थीं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थीं। उन्होंने कांवरियों और अन्य श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर अपील की कि वे पूजा सामग्री या प्लास्टिक जैसी कोई भी वस्तु गंगा नदी में न फेंकें। कैडेट्स ने सभी से घाट की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।






एनसीसी कैडेट्स का कहना है कि गंगा में प्लास्टिक और कचरा फेंकने से नदी प्रदूषित होती है। इसका सीधा असर पर्यावरण और जलीय जीवों पर पड़ता है। इसलिए, श्रावणी मेले के दौरान लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है ताकि आस्था के साथ-साथ स्वच्छता का भी संदेश जन-जन तक पहुंचे।
पर्यावरण और जलीय जीवन की सुरक्षा
गंगा नदी में बढ़ती प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। एनसीसी कैडेट्स ने इस अभियान के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि नदी में फेंका गया कचरा केवल दृश्य प्रदूषण नहीं है, बल्कि यह पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुँचाता है। जलीय जीवों के लिए यह प्लास्टिक जानलेवा साबित होता है और अंततः मानव स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार, यह सफाई अभियान केवल एक तात्कालिक कार्य नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक पर्यावरणीय संदेश भी है।
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में, एनसीसी कैडेट्स द्वारा चलाया गया यह अभियान ‘बिहार श्रावणी मेला’ को पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पवित्र गंगा नदी की शुद्धता बनी रहे और आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ और निर्मल गंगा का आशीर्वाद मिल सके।








