
अलीगढ़ न्यूज़: आस्था के मंच से अपनी ओजस्वी वाणी से लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाली प्रसिद्ध कथावाचक निधि सारस्वत अब नए जीवन की शुरुआत कर चुकी हैं। अलीगढ़ में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के बेटे चिराग उपाध्याय के साथ उनके विवाह ने एक नई चर्चा छेड़ दी है। आखिर कैसे हुई इस खास जोड़ी की पहली मुलाकात, जिसने अब सात जन्मों के रिश्ते का रूप ले लिया है?
प्रसिद्ध कथावाचक निधि सारस्वत ने 9 दिसंबर, 2025 को अलीगढ़ में चिराग उपाध्याय के साथ विवाह बंधन में बंधकर अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। यह विवाह समारोह शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि निधि सारस्वत अपनी आध्यात्मिक कथाओं और प्रवचनों के लिए जानी जाती हैं, जबकि चिराग उपाध्याय एक राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। चिराग, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के बेटे हैं।




इस अनोखी प्रेम कहानी की शुरुआत साल 2020 में हुई थी, जब निधि और चिराग की पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता सिर्फ एक मुलाकात तक सीमित न रहकर जीवनसाथी बनने के फैसले तक पहुंच गया। दोनों ने अपने रिश्ते को एक कदम आगे बढ़ाते हुए आखिरकार विवाह करने का निर्णय लिया।
निधि सारस्वत और चिराग उपाध्याय: परिचय और पृष्ठभूमि
निधि सारस्वत एक जानी-मानी कथावाचक हैं, जिन्होंने देश भर में अपनी कथाओं के माध्यम से धर्म और आध्यात्म का संदेश फैलाया है। उनके प्रवचनों में गहरी समझ और सहजता देखने को मिलती है, जिससे वे श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनकी शादी की खबर ने उनके प्रशंसकों और अनुयायियों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।
वहीं, चिराग उपाध्याय का संबंध अलीगढ़ के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से है। उनके पिता रामवीर उपाध्याय उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-माना नाम रहे हैं, जो कई बार मंत्री पद पर भी रह चुके हैं। चिराग भी अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
एक साथ नए सफर की शुरुआत
यह विवाह दो अलग-अलग क्षेत्रों – धर्म और राजनीति – के दो प्रमुख हस्तियों को एक सूत्र में पिरोता है। अलीगढ़ में संपन्न हुए इस समारोह ने दोनों परिवारों और उनके चाहने वालों के बीच खुशी का माहौल पैदा कर दिया है। निधि और चिराग अब एक नए सफर की शुरुआत कर चुके हैं, जहां वे एक-दूसरे के साथ मिलकर जीवन की चुनौतियों का सामना करेंगे।







