spot_img

Bihar Exam Scam |NEET परीक्षा में बड़ा खुलासा: बिहार में 12 से 30 लाख में सेट होती थी सीट, दो MBBS छात्र गिरफ्तार

Bihar Exam Scam: आर्थिक अपराध इकाई ने NEET और Re-NEET परीक्षाओं में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इस गिरोह के सरगना MBBS छात्र रविशंकर समेत दो लोग गिरफ्तार हुए हैं, जिनसे लाखों रुपये कैश और फर्जी दस्तावेज मिले हैं।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Exam Scam: बिहार में परीक्षा माफियाओं के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार में NEET UG और Re-NEET UG परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही EOU की विशेष टीम ने दो MBBS छात्रों को गिरफ्तार किया है। ये छात्र बड़े पैमाने पर परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाने और धांधली कराने के मुख्य सरगना बताए जा रहे हैं। प्रति अभ्यर्थी 12 से 30 लाख रुपये तक की मोटी रकम लेकर यह पूरा खेल खेला जाता था।

- Advertisement -

गिरफ्तारी: आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी के बाहर से दबोचा गया उज्जवल राज

आर्थिक अपराध इकाई ने सबसे पहले 11 अगस्त को गिरियक मामले के मुख्य आरोपी उज्जवल राज को गिरफ्तार किया। EOU के अधिकारियों ने उसे पटना के आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र के बाहर से पकड़ा। उज्जवल राज पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित दिलवरपुर का रहने वाला है और उसके पिता का नाम अशोक कुंवर है। वह पावापुरी मेडिकल कॉलेज में MBBS अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद एक स्कॉर्पियो गाड़ी (BR01HU2630) और फर्जी स्कॉलर बैठाने से जुटाए गए 2.95 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

- Advertisement -

Re-NEET का मुख्य सरगना रविशंकर कैसे आया पकड़ में?

उज्जवल राज की गिरफ्तारी के अगले ही दिन, 12 अगस्त को EOU ने Re-NEET परीक्षा से जुड़े तीनों मामलों के मुख्य सरगना डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट को भी धर दबोचा। रविशंकर पटना के शाहजहांपुर स्थित मकसूदपुर का निवासी है और उसके पिता का नाम अरविंद कुमार है। वह भी पावापुरी मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई कर रहा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, रविशंकर पहले रेलवे ग्रुप-D भर्ती परीक्षा में धांधली के मामले में जेल जा चुका है। उसकी पत्नी मधु प्रिया पर भी Re-NEET परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर पास कराने का आरोप है, हालांकि गर्भवती होने के कारण अदालत ने फिलहाल उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। EOU के अनुसार, रविशंकर ने इसी राहत का फायदा उठाते हुए 29 जुलाई 2026 को हवलदार अनुदेशक परीक्षा में भी गड़बड़ी कराई थी, जिसमें बायोमेट्रिक वेंडरों की मदद लेने का आरोप है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  बिहार में IPL का सपना होगा सच? जानें कैसे बदल जाएगा राज्य का क्रिकेट परिदृश्य! |किंग्स इलेवन पंजाब - राजस्थान रॉयल्स की चर्चा से जगी उम्मीदें

छापेमारी में मिले चौंकाने वाले सुराग: फर्जी चेक से लेकर ब्लैंक बुकलेट तक

रविशंकर की गिरफ्तारी के बाद EOU ने उसकी निशानदेही पर पटना के रामकृष्ण नगर में उसके भाई के फ्लैट और किराए के मकान पर छापेमारी की। इस छापेमारी में कई चौंकाने वाले सबूत मिले:

  • MBBS परीक्षा की खाली बुकलेट
  • NEET, BPSSC और CBSE समेत कई परीक्षाओं के एडमिट कार्ड
  • अलग-अलग बैंकों (SBI, PNB, HDFC, Bank of Baroda) के 25 खाली लेकिन साइन किए हुए चेक
  • 2 लाख रुपये नकद
  • कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) में गड़बड़ी से जुड़े ऑनलाइन एग्जाम सेंटर के एग्रीमेंट पेपर
  • बड़ी संख्या में फर्जी जाति, आय और दिव्यांगता प्रमाण पत्र
यह भी पढ़ें:  दरभंगा में युवाओं के लिए बड़ा मौका! मुफ्त ITI एडमिशन, छात्राओं को हर घंटे 50 रुपये स्कॉलरशिप

इन दस्तावेजों से पता चलता है कि गिरोह का नेटवर्क कितना व्यापक था और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले तक फैला हुआ था। EOU अब यह पता लगा रही है कि इन फर्जी प्रमाण पत्रों का उपयोग कर कितने लोगों को फायदा पहुंचाया गया है।

12 से 30 लाख में होती थी सेटिंग, ऐसे बदलती थी पहचान

आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक, यह गिरोह परीक्षा फॉर्म भरने के समय ही असली अभ्यर्थी और उसकी जगह परीक्षा देने वाले ‘स्कॉलर’ के बीच सेटिंग कर लेता था। बायोमेट्रिक जांच को चकमा देने के लिए आधार एजेंटों और CSC संचालकों की मदद से फोटो और फिंगरप्रिंट में बदलाव कराया जाता था। इसका मकसद यह था कि परीक्षा केंद्र पर स्कॉलर की पहचान जांच में न पकड़ी जाए, जिससे वह असली अभ्यर्थी के रूप में ही सामने आए। इस पूरे फर्जीवाड़े के लिए एक अभ्यर्थी से 12 लाख से 30 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। रविशंकर के बड़े भाई अश्विनी कुमार को भी रविशंकर को मदद देने और संरक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें:  दरभंगा में न्यायपालिका का बड़ा एक्शन! हत्या, जालसाजी और हमले के 5 मामलों में नहीं मिली जमानत, जानिए कौन-कौन हैं आरोपी

मेडिकल कॉलेज दाखिले तक फैला था नेटवर्क, अब आगे क्या?

EOU की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का काम केवल परीक्षा में स्कॉलर बैठाने तक सीमित नहीं था। फर्जी जाति, आय और दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल मेडिकल कॉलेज की काउंसलिंग में भी फायदा लेने के लिए किया जाता था। आर्थिक अपराध इकाई ने बायोमेट्रिक वेंडरों, फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वालों और इस तरीके से दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों की पहचान शुरू कर दी है। इन सभी के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। NEET UG (3 मई 2026) और Re-NEET (21 जून 2026) मामलों की जांच अभी सिर्फ दो गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, EOU इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

दरभंगा में SSP जगुनाथ रेड्डी का बड़ा फैसला: अब अपराधियों की खैर नहीं! पुलिस हुई एक्शन मोड में | पढ़िए – अपराध कर्मियों की...

Darbhanga Police: दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक ने 13 अगस्त 2026 को सभी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर अपराध नियंत्रण के लिए कड़े निर्देश दिए। शराब, संपत्ति अपराध और लंबित वारंट#DarbhangaPolice,#BiharCrime,#SSPMeeting

स्कूल से निकाले गए छात्र के लिए बड़ी खबर! पटना हाई कोर्ट ने डॉन बॉस्को एकेडमी को दिया झटका, जानें क्यों?

Patna News: पटना हाई कोर्ट ने डॉन बॉस्को एकेडमी के नौवीं कक्षा के छात्र के निष्कासन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि स्कूल ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं#PatnaHighCourt,#StudentRights,#BiharEducation

Darbhanga Cyber Fraud आपके अकाउंट से उड़े पैसे, दरभंगा पुलिस ने 24 घंटे में वापस दिलाए ₹ 1 लाख! ठगों को सीधे करारा जवाब

Darbhanga Cyber Fraud: दरभंगा में साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी राहत मिली है। ठगों द्वारा उड़ाई गई 1 लाख 7 हजार 680 रुपये की पूरी रकम वापस करा#DarbhangaNews,#CyberFraudRefund,#BiharPolice

दरभंगा के युवक की पश्चिम बंगाल में संदिग्ध मौत ! दस दिन पहले मखाना फोड़ने के काम से गया – लौटी पोस्टमार्टम वाली लाश...

Bihar youth death West Bengal: पश्चिम बंगाल में बिहार के एक युवक साजन पासवान की संदिग्ध मौत हो गई है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने इसे संबंधित थाने को भेजा है।#BiharNews,#WestBengalCrime,#Benipur