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फ़रवरी, 10, 2026
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चार्जर को सॉकेट में यूं ही छोड़ देना… आपकी जेब और जान दोनों के लिए है भारी खतरा!

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चार्जर को सॉकेट में यूं ही छोड़ देना… आपकी जेब और जान दोनों के लिए है भारी खतरा!

क्या आप भी उन लाखों लोगों में शामिल हैं, जो फोन चार्ज होने के बाद चार्जर को सॉकेट में लगा छोड़ देते हैं? अगर हाँ, तो ज़रा रुकिए! आपकी यह छोटी सी आदत न सिर्फ आपकी बिजली का बिल बढ़ा रही है, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है। आज हम इसी छुपे हुए खतरे को उजागर करेंगे, जो अक्सर हमारी नज़र से ओझल रह जाता है।

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आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। सुबह उठने से लेकर रात सोने तक, हमारा अधिकतर समय इन्हीं पर व्यतीत होता है। स्वाभाविक है कि इन्हें चार्ज करने की आवश्यकता भी बार-बार पड़ती है। अक्सर लोग जल्दबाजी या अनजाने में फोन चार्ज होने के बाद चार्जर को बिजली के सॉकेट से निकालना भूल जाते हैं या जानबूझकर लगा छोड़ देते हैं। उन्हें लगता है कि जब फोन कनेक्टेड नहीं है, तो कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन यह एक बड़ी गलतफहमी है।

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यह आम धारणा है कि जब चार्जर से कोई डिवाइस कनेक्ट नहीं होता, तो वह बिजली का उपभोग नहीं करता। जबकि सच्चाई कुछ और ही है। विशेषज्ञ और सुरक्षा संगठन लगातार इस बात पर ज़ोर देते रहे हैं कि चार्जर को हमेशा अनप्लग करना चाहिए, ताकि संभावित खतरों और ऊर्जा की बर्बादी से बचा जा सके।

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बिजली की बर्बादी: ‘फैंटम लोड’ का सच

चार्जर को सॉकेट में लगा छोड़ना सीधे तौर पर बिजली की बर्बादी का कारण बनता है, जिसे ‘फैंटम लोड’ या ‘स्टँडबाय पावर’ के नाम से जाना जाता है। भले ही आपका फोन चार्जर से कनेक्ट न हो, लेकिन जब तक चार्जर प्लग-इन है, वह थोड़ी मात्रा में बिजली खींचता रहता है। यह बिजली चार्जर के अंदरूनी सर्किट को सक्रिय रखने के लिए इस्तेमाल होती है।

यह थोड़ी-थोड़ी बिजली हर समय बर्बाद होती रहती है, और यदि आप इसे पूरे दिन, महीने और साल भर देखें तो यह आपके बिजली के बिल पर एक उल्लेखनीय अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। कल्पना कीजिए कि आपके घर में कई ऐसे चार्जर या उपकरण प्लग-इन रहते हैं, तो यह सामूहिक रूप से एक बड़ी राशि बन जाती है। पर्यावरण के लिहाज़ से भी यह गैर-ज़रूरी ऊर्जा खपत एक चिंता का विषय है।

सुरक्षा जोखिम: आग और शॉर्ट-सर्किट का खतरा

बिजली की बर्बादी से कहीं अधिक गंभीर है चार्जर को लगातार प्लग-इन रखने से जुड़ा सुरक्षा जोखिम। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिसमें चार्जर भी शामिल है, लगातार बिजली के संपर्क में रहने पर गर्म हो सकता है। यह गर्मी कई बार इतनी बढ़ जाती है कि आसपास रखी ज्वलनशील चीज़ों में आग लग सकती है।

इसके अलावा, पुराने या क्षतिग्रस्त चार्जर, घटिया क्वालिटी के चार्जर, या बिजली के सॉकेट में अचानक वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से शॉर्ट-सर्किट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आग लगने की घटनाएँ हो सकती हैं, जो जान-माल के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होती हैं। विशेषकर रात में, जब लोग सो रहे होते हैं, तब ऐसे जोखिमों को पहचानना और उन पर प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो जाता है।

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चार्जर की आयु और आपकी जेब पर असर

लगातार बिजली के संपर्क में रहने से न केवल बिजली बर्बाद होती है और सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं, बल्कि आपके चार्जर की जीवन-अवधि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। चार्जर के आंतरिक घटकों पर निरंतर दबाव पड़ने से वे समय से पहले खराब हो सकते हैं। एक नया चार्जर खरीदना एक अतिरिक्त खर्च है, जिसे आसानी से टाला जा सकता है।

कम गुणवत्ता वाले चार्जर और भी तेज़ी से खराब होते हैं, और इनके टूटने या गलत तरीके से काम करने पर सुरक्षा संबंधी जोखिम और भी बढ़ जाते हैं। इसलिए, यह आदत आपकी जेब पर दोहरी मार करती है – एक तरफ बिजली के बिल में बढ़ोतरी और दूसरी तरफ चार्जर बदलने का खर्च।

क्या करें? कुछ आसान और सुरक्षित उपाय

  • अनप्लग करें: फोन चार्ज होने के तुरंत बाद चार्जर को बिजली के सॉकेट से निकाल दें। यह सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
  • पावर स्ट्रिप/सर्ज़ प्रोटेक्टर का उपयोग करें: ऐसे उपकरणों का उपयोग करें जिनमें एक स्विच होता है, जिससे आप एक साथ कई उपकरणों की बिजली बंद कर सकते हैं। इससे आपको हर बार एक-एक प्लग निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
  • चार्जर की जाँच करें: समय-समय पर अपने चार्जर की जाँच करें। यदि तार कटा हुआ है, प्लास्टिक पिघल रहा है, या कोई असामान्य गंध आ रही है, तो तुरंत उसका उपयोग बंद कर दें और उसे बदल दें।
  • केवल ओरिजिनल/प्रमाणित चार्जर का उपयोग करें: हमेशा अपने डिवाइस के साथ आए ओरिजिनल चार्जर या किसी विश्वसनीय ब्रांड के प्रमाणित चार्जर का ही उपयोग करें। सस्ते और घटिया क्वालिटी के चार्जर से बचें।
  • बच्चों से दूर रखें: छोटे बच्चों की पहुँच से चार्जर और बिजली के सॉकेट्स को दूर रखें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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एक छोटी सी आदत में बदलाव लाकर आप न केवल अपने बिजली के बिल को कम कर सकते हैं, बल्कि अपने घर और परिवार को संभावित गंभीर खतरों से भी बचा सकते हैं। इसलिए, अगली बार जब आपका फोन चार्ज हो जाए, तो चार्जर को सॉकेट से निकालना न भूलें। यह एक छोटी सी सतर्कता एक बड़ा फर्क पैदा कर सकती है।

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