Real Estate:
Real Estate: गुरुग्राम का रियल एस्टेट बाजार अब सिर्फ अमीरों के लिए ही रह गया है, जहां औसत कमाई वाले परिवारों के लिए घर खरीदना एक सपना बनता जा रहा है।
# गुरुग्राम Real Estate: लग्जरी घरों का बढ़ता क्रेज और आम आदमी का सपना!
## Real Estate निवेश में बेतहाशा वृद्धि: द्वारका एक्सप्रेसवे का योगदान
देश की आर्थिक राजधानी के तौर पर उभरे गुरुग्राम में, विशेषकर प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट के अपार्टमेंट्स की बिक्री में हाल के वर्षों में जबरदस्त उछाल देखा गया है, जो इस शहर को उच्च आय वर्ग के खरीदारों का पसंदीदा ठिकाना बना रहा है। पिछले साल गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट में निवेश 45,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 88,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस असाधारण वृद्धि के पीछे द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का बड़ा हाथ है, जिसने दिल्ली और नोएडा के साथ गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व तरीके से सुधारा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कनेक्टिविटी न केवल आवागमन को सुगम बनाती है, बल्कि प्रॉपर्टी मूल्यों में भी उल्लेखनीय वृद्धि का कारण बनी है।
बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुपरएक्रेज के फाउंडर समीर सिंघई का स्पष्ट कहना है, “अगर आपकी पारिवारिक आय कम से कम 2.5-3 लाख रुपये प्रति माह नहीं है, तो गुरुग्राम आपके लिए नहीं है।” उनके विश्लेषण के मुताबिक, 2025 तक गुरुग्राम में एक घर खरीदने के लिए आमतौर पर एक ऐसे दोहरी आय वाले परिवार की आवश्यकता होगी जो महीने में 2.5 लाख से 5 लाख रुपये कमाता हो, जिसके पास लगभग 80 लाख से 1 करोड़ रुपये की बचत हो और 3 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक का होम लोन लेने की क्षमता हो। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यह शहर औसत कमाई वाले लोगों की पहुंच से कितना दूर निकल चुका है।
सिंघई यह भी कहते हैं कि गुरुग्राम को कभी भी औसत कमाई करने वालों के लिए डिजाइन ही नहीं किया गया था। यह शहर तेजी से उत्तर भारत का कॉर्पोरेट कैपिटल बनकर उभरा है, जहां कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां (MNCs) और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (BFSI) फर्में स्थापित हैं। देश के कोने-कोने से पेशेवर यहां आकर बस रहे हैं और अपना आशियाना बना रहे हैं। इसके अलावा, DLF साइबर सिटी और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार सुधार के कारण यहां प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे संपत्ति की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं।
## घरों की बढ़ती मांग और प्रमुख माइक्रो-मार्केट्स
एनारॉक रिसर्च की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में जितने भी घरों की सप्लाई हुई, उनका लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट में था। यह उच्च गुणवत्ता और बेहतर जीवनशैली की चाहत रखने वाले लोगों की बढ़ती संख्या को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख माइक्रो-मार्केट्स जैसे द्वारका एक्सप्रेसवे, सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) और साउथ ऑफ गुरुग्राम (सोहना) होमबायर्स की पसंद में शीर्ष पर बने हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको बताता है कि इसके पीछे तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, बड़े प्लॉटेड और हाई-राइज आवास विकल्पों की उपलब्धता, और लंबी अवधि में पूंजीगत वृद्धि की मजबूत संभावना जैसे कारक हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/business/।
## धड़ाधड़ बिक रहे हैं अपार्टमेंट्स: भविष्य की उम्मीदें
CBRI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी–सितंबर 2025 के दौरान भारत के रेजिडेंशियल मार्केट में घरों की बिक्री और नई लॉन्च दोनों ही 2 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई है। इस अवधि में लग्जरी अपार्टमेंट्स की बिक्री में 97 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो उच्च गुणवत्ता वाले प्रीमियम घरों के प्रति बढ़ते भरोसे और मजबूत मांग को उजागर करता है। गुरुग्राम में इस मांग को द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से खासा बल मिला है, जिससे कनेक्टिविटी और पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और एंड-यूजर की सक्रिय भागीदारी ने सुनियोजित परियोजनाओं के प्रति विश्वास को बढ़ाया है और उनकी तेज बिक्री को संभव बनाया है। 2026 की ओर देखते हुए, इस प्रॉपर्टी मार्केट ग्रोथ के बने रहने की प्रबल उम्मीद है, हालांकि औसत आय वर्ग के लिए घर खरीदना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको लगातार ऐसी ही महत्वपूर्ण खबरें प्रदान करता रहेगा।







