Patna News: पटना में आवासीय संपत्तियों से व्यावसायिक गतिविधियां चलाने को लेकर पटना नगर निगम (PMC) द्वारा जारी किए गए नोटिसों से उत्पन्न समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इस फैसले से शहर के हजारों संपत्ति मालिकों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो इन नोटिसों से परेशान थे।
डिप्टी सीएम विजय चौधरी करेंगे समिति की अगुवाई
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वपूर्ण समिति का नेतृत्व उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को सौंपा है। यह समिति आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के संबंध में जारी नोटिसों की गहन जांच करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य जनहित में एक व्यावहारिक और स्थायी समाधान खोजना है।
- शहरी विकास एवं आवास मंत्री नीतीश कुमार मिश्रा को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
- ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विधान परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह को भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
30,000 से अधिक लोगों को मिले थे नोटिस
पटना नगर निगम द्वारा 30,000 से अधिक संपत्ति मालिकों और व्यवसायियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की जांच के लिए सर्वेक्षण और निरीक्षण किए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप ये नोटिस जारी हुए। इन नोटिसों ने हजारों लोगों में अनिश्चितता और चिंता पैदा कर दी थी, जो लंबे समय से अपने घरों से व्यापार चला रहे थे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस समस्या का समाधान करने का आग्रह किया था, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
समिति की सिफारिशों का इंतजार
गठित समिति अब इस मुद्दे के नियामक और व्यावहारिक पहलुओं की जांच करेगी। इसका लक्ष्य प्रभावित निवासियों की चिंताओं को दूर करते हुए लागू नियमों और अदालती निर्देशों को ध्यान में रखते हुए एक समाधान तक पहुंचना है। समिति की सिफारिशें और उसके बाद राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई से हजारों प्रभावित संपत्ति मालिकों और पटना में व्यवसायों के लिए इस मुद्दे का समाधान निर्धारित होगा।
इस समिति के गठन से पटना में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर चल रही खींचतान पर विराम लगने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें समिति की रिपोर्ट और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, जिससे शहर के व्यापारिक माहौल और निवासियों के जीवन पर सीधा असर पड़ेगा।







