Gold Prices: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ीं, निवेशकों के लिए ‘सुरक्षित ठिकाना’ बने सोने का भविष्य क्या है, आइए जानते हैं।
Gold Prices: जियोपॉलिटिकल तनाव में उछाल, क्या 2026 तक $5000 पहुंचेगी कीमत?
भारत में सोने की कीमतों में बुधवार, 7 जनवरी को लगातार तीसरे दिन जोरदार तेजी दर्ज की गई। यह उछाल वेनेजुएला में अमेरिका के हवाई हमलों के बाद आया, जिसने एक बार फिर से सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा दिया है। इस दौरान 24 कैरेट सोने की कीमतें लगभग 36,000 रुपये प्रति 100 ग्राम तक बढ़ गईं, जो इसके रिकॉर्ड हाई लेवल 1,40,000 रुपये के करीब है। सोने की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित तेजी ने खरीदारों और निवेशकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Gold Prices: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेजी का विश्लेषण
अगर हम विशेषज्ञों की राय देखें तो साल 2025 में सोने की कीमतों में गजब की तेजी देखी गई थी, जब साल के आखिर तक सोना 4500 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया था। 7 जनवरी, 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में स्पॉट गोल्ड 4,440 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता नजर आया। हालांकि, प्रॉफिट टेकिंग के चलते कीमतें 4549 डॉलर के अपने पीक से थोड़ी कम जरूर हुई हैं, लेकिन अंडरलाइंग ट्रेंड अभी भी बुलिश बना हुआ है।
निवेशक फिलहाल 4450 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल पर करीब से नजर रख रहे हैं। अधिकतर एक्सपर्ट्स साल 2026 के लिए सोने की कीमतें 4500 डॉलर से 5000 डॉलर प्रति औंस के बीच बने रहने की उम्मीद कर रहे हैं। मॉर्गन स्टेनली ने भी 2026 की चौथी तिमाही तक सोने के लिए 4800 डॉलर प्रति औंस का बुलिश टारगेट रखा है। यह दर्शाता है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोने का आकर्षण बरकरार है। एक औंस 31.1 ग्राम के बराबर होता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
सोने की कीमतें बढ़ने के प्रमुख कारण और भविष्य की संभावनाएं
आने वाले दिनों में यदि वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता रहा, तो इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर दिख सकता है। भू-राजनीतिक टेंशन के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की डिमांड बढ़ना तय है। इसके अलावा, दुनियाभर के तमाम सेंट्रल बैंक भी आक्रामक तरीके से सोना खरीदते जा रहे हैं क्योंकि वे इसे अपने पोर्टफोलियो में एक डायवर्सिफिकेशन टूल के रूप में देखते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
माइकल विडमर के नेतृत्व में बैंक ऑफ अमेरिका के विश्लेषकों को उम्मीद है कि पूरे साल सोने की औसत कीमत 4538 डॉलर पर बनी रहेगी। उन्होंने यह अनुमान ग्लोबल सप्लाई में कमी और उत्पादन पर बढ़ती लागत के आधार पर लगाया है।
VT Markets के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कम समय में, बढ़ती अनिश्चितता का मतलब यह होगा कि सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतें भी ऊपर जाएंगी। हालांकि, मजबूत औद्योगिक मांग के चलते लंबे समय तक अस्थिरता या ग्लोबल ग्रोथ में मंदी सोने के मुकाबले इसकी कीमत पर ज्यादा दबाव डाल सकती है।” यह दिखाता है कि सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी जैसी अन्य कीमती धातुएं भी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







