Darbhanga Export Policy: बिहार के दरभंगा में निर्यात को बढ़ावा देने और प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्र सरकार की नई दरभंगा एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत, जिले के प्रमुख निर्यातकों और उद्यमियों को विदेश व्यापार नीति-2023 की विस्तृत जानकारी देने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य निर्यात क्षेत्र में स्थानीय व्यापार को और अधिक सक्षम तथा जागरूक बनाना है, जिससे वैश्विक बाजार में उनकी पहुंच बढ़ेगी।
यह महत्वपूर्ण कार्यशाला 26 अगस्त, 2026 को समाहरणालय परिसर स्थित अम्बेदकर सभागार में संपन्न हुई। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), भारत सरकार, क्षेत्रीय प्राधिकरण, कोलकाता के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में दरभंगा के व्यापार जगत से जुड़े कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए।
कार्यशाला में पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विदेश व्यापार नीति-2023 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया। नई योजनाओं, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निर्यात संवर्धन से जुड़ी डिजिटल पहलों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार निर्यातकों के लिए व्यापार प्रक्रिया को सरल, तीव्र और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
निर्यातकों को विभिन्न प्रमुख निर्यात संवर्धन योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें निर्यात उत्पादों पर शुल्क एवं कर छूट योजना, शुल्क छूट/माफी योजना (Duty Exemption), निर्यात संवर्धन पूंजीगत माल योजना (EPCG) और स्टेटस होल्डर सर्टिफिकेट जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को भी प्रतिभागियों के सामने रखा गया।
निर्यात प्रक्रिया में सरलीकरण और डिजिटल क्रांति
विदेश व्यापार नीति के तहत 47 प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जो निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत है। निर्यात संवर्धन से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं को अब डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इस डिजिटल बदलाव से निर्यातकों को न केवल प्रक्रियागत सुविधा मिल रही है, बल्कि इससे उनके समय और लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
कार्यशाला में DGFT की ऑनलाइन सेवाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि निर्यातक और उद्यमी किसी भी कार्य दिवस में इन ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करके अपनी समस्याओं या जिज्ञासाओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा निर्यात से संबंधित प्रक्रियाओं को और भी सुगम और पारदर्शी बनाने में सहायक होगी।
उपस्थित निर्यातकों और उद्यमियों ने विभिन्न योजनाओं, निर्यात प्रक्रिया, शुल्क, डिजिटल सेवाओं और अन्य संबंधित विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। DGFT, कोलकाता के प्रतिनिधियों ने उनके सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक समाधान किया और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रतिनिधियों ने यह भी आश्वस्त किया कि निर्यातकों और उद्यमियों को भारत सरकार की नई नीतियों और योजनाओं से लगातार अवगत कराने के लिए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने सभी निर्यातकों से उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
दरभंगा के मखाना निर्यातकों को मिला विशेष मार्गदर्शन
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दरभंगा के जिला पदाधिकारी श्री कौशल कुमार भी उपस्थित रहे। उनके साथ महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, जिला कृषि पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जिले के प्रमुख मखाना निर्यातक, अन्य उद्यमी और संबंधित पदाधिकारी भी कार्यशाला का हिस्सा बने।
इस कार्यशाला के माध्यम से दरभंगा के निर्यातकों और उद्यमियों को केंद्र सरकार की निर्यात संवर्धन नीतियों और योजनाओं की गहरी समझ मिली है। निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं और संस्थागत सहयोग के बारे में मिले महत्वपूर्ण मार्गदर्शन से जिले में निर्यात गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।








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