India UAE Relations: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी हाल ही में एक बार फिर सुर्खियों में रही, जब UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत की संक्षिप्त लेकिन बेहद महत्वपूर्ण यात्रा की। यह यात्रा सिर्फ दो घंटे की रही, लेकिन इसने दोनों देशों के बीच भविष्य के संबंधों की मजबूत नींव रखी, जिसमें 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल है। इस दौरे ने न केवल आर्थिक संबंधों को गति दी, बल्कि रक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों में गहरे सहयोग का मार्ग भी प्रशस्त किया।
# भारत-UAE संबंध: रणनीतिक साझेदारी से 200 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
## भारत-UAE संबंध: सुरक्षा और आर्थिक सहयोग में नई ऊंचाइयां
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी हाल ही में एक बार फिर सुर्खियों में रही, जब UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत की संक्षिप्त लेकिन बेहद महत्वपूर्ण यात्रा की। यह यात्रा सिर्फ दो घंटे की रही, लेकिन इसने दोनों देशों के बीच भविष्य के संबंधों की मजबूत नींव रखी, जिसमें 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल है। इस दौरे ने न केवल आर्थिक संबंधों को गति दी, बल्कि रक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों में गहरे सहयोग का मार्ग भी प्रशस्त किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस, एनर्जी और डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 2022 में राष्ट्रपति बनने के बाद शेख जायद की यह तीसरी भारत यात्रा थी और पिछले दस वर्षों में यह उनकी पांचवीं भारत यात्रा थी, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पीएम मोदी के साथ हुई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की बैठक में दोनों नेताओं ने आतंकवाद के मुद्दे पर खुलकर बात की और इससे निपटने के प्रभावी उपायों पर चर्चा की। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए अपराधियों, फाइनेंसरों और समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाना आवश्यक है। इसी क्रम में, भारत और UAE ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) फ्रेमवर्क के तहत मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाना है।
यह कदम पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चिंता का विषय हो सकता है, जिस पर बार-बार आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप लगते रहे हैं। FATF की रिपोर्टों में पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्तपोषण और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। कई रिपोर्ट्स यह भी दावा करती हैं कि पाकिस्तान को IMF से मिलने वाले बेलआउट पैकेज का उपयोग देश की जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। ऐसे में, भारत-UAE के बीच डिफेंस सेक्टर को लेकर हुई डील, जिसमें नियमित सैन्य अभ्यास, रक्षा संवाद और सैन्य प्रमुखों के नियमित दौरे शामिल हैं, से पाकिस्तान पर काफी दबाव बढ़ सकता है।
## भारत-UAE: 9 बड़े समझौतों की महत्वपूर्ण झलकियां
पीएम मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच लगभग ढाई घंटे की इस बैठक में निम्नलिखित 9 बड़े समझौते हुए, जो दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देंगे:
* भारत-UAE के बीच कारोबार को 2030 तक 200 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
* डिफेंस सेक्टर में साथ मिलकर काम करने के लिए एक समझौते पर सहमति बनी।
* UAE गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के डेवलपमेंट के लिए निवेश करेगा।
* भारत में डेटा सेंटर बनाने के लिए भी UAE भारी मात्रा में दांव लगाएगा। इसके अलावा, डेटा एम्बेसी बनाने का भी जिक्र है।
* दोनों देशों ने न्यूक्लियर एनर्जी की दिशा में भी आपसी सहयोग से काम करने की सहमति जताई है, जिसमें छोटे-बड़े परमाणु रिएक्टर बनाने का काम भी शामिल है।
* फूड एवं एग्रो प्रोडक्ट्स के कारोबार को भी आसान बनाने पर जोर दिया गया।
* UAE भारत को हर साल 5 लाख मीट्रिक टन LNG गैस की सप्लाई करेगा।
* आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपर कंप्यूटर बनाने की दिशा में भी साथ मिलकर काम करने पर सहमति बनी है।
* स्पेस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर बात छिड़ी है। इसके तहत सैटेलाइट बनाने, रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।
इन समझौतों से यह स्पष्ट है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात न केवल व्यापारिक भागीदार हैं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। यह साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें







