Bihar Education: 29 अगस्त 2026 को दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और इस्कॉन (ISKCON) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वित विकास करना है। इस करार से छात्रों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होगा।
इंजीनियरिंग के साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा: इस्कॉन की नई पहल
इस अवसर पर इस्कॉन इंडिया यूथ के चेयरमैन सुंदर गोपाल दास और लक्ष्मण कृपा दास उपस्थित रहे। आईआईटी दिल्ली से एम.टेक की शिक्षा प्राप्त सुंदर गोपाल दास ने अपने संबोधन में शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान के साथ-साथ छात्रों में नैतिक आचरण और मानवीय मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।
सुंदर गोपाल दास ने स्पष्ट किया, ‘तकनीकी एवं वैज्ञानिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक आचरण एवं मानवीय मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान एवं रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, नैतिक एवं संवेदनशील नागरिक के रूप में विकसित करना भी होना चाहिए।’
यह समझौता ज्ञापन विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास, नैतिक एवं मूल्यपरक शिक्षा, जीवन-कौशल तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों के आयोजन और सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान MoU की प्रमुख शर्तों और सहयोग के क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की गई।
छात्रों के सर्वांगीण विकास पर जोर: प्राचार्य ने जताया आभार
दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रधानाचार्य डॉ. चंदन कुमार ने इस्कॉन के प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने अतिथियों को सम्मानित करते हुए इस महत्वपूर्ण पहल के लिए इस्कॉन के प्रति आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों के हित में किए गए इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
डॉ. चंदन कुमार ने कहा, ‘इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ उनके नैतिक एवं सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।’
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. अंकित ने किया, जिन्होंने MoU के प्रमुख प्रावधानों और उद्देश्यों को उपस्थित सभी लोगों के सामने स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। अंत में, इस्कॉन, DCE दरभंगा के समन्वयक डॉ. आलोक सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने इस सहयोग के लिए इस्कॉन के प्रतिनिधियों, महाविद्यालय प्रशासन और सभी उपस्थित शिक्षकों का आभार व्यक्त किया, साथ ही भविष्य में इस सहयोग को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने की उम्मीद जताई। यह समझौता Bihar Education के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो छात्रों के तकनीकी ज्ञान के साथ उनके चरित्र, नैतिकता, वैज्ञानिक सोच और मानवीय मूल्यों के समन्वित विकास को सुनिश्चित करेगा।







