Bihar IAS Transfer: बिहार सरकार ने 28 अगस्त को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के छह अधिकारियों का तबादला किया है। इनमें आईएएस नीलिमा साहू भी शामिल हैं, जिन्हें नवादा में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद के पद से स्थानांतरित कर स्वास्थ्य विभाग, पटना में संयुक्त सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। नीलिमा साहू की सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जिन्होंने यूपीएससी और सीजीपीएससी की परीक्षाओं में दो बार इंटरव्यू तक का सफर तय करने के बाद भी हार नहीं मानी।
अंतिम चयन सूची में जगह न बना पाने के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं। इसके बाद उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल होकर बिहार प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गईं। यह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन का ही परिणाम है कि आज वे एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।
गांव से दिल्ली तक का सफर: असफलता से सीख
नीलिमा साहू का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मतवारी गांव में हुआ था। पांच भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर पर हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई। 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से 11वीं और 12वीं की शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2000 में उन्होंने शासकीय डिग्री कॉलेज, रायपुर से बीएससी की डिग्री हासिल की।
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और इसी सिलसिले में कुछ समय के लिए दिल्ली भी गईं। दिल्ली में रहते हुए उन्होंने यूपीएससी और सीजीपीएससी की परीक्षाएं दीं। दोनों ही परीक्षाओं में वे इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन दुर्भाग्यवश अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आ सका। यह वह मोड़ था जहाँ कई अभ्यर्थी निराश होकर अपना लक्ष्य बदल लेते हैं, लेकिन नीलिमा साहू ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने अपने लक्ष्य को कायम रखा, सिर्फ सफलता का रास्ता बदल दिया।
BPSC में पहले ही प्रयास में मिली शानदार सफलता
यूपीएससी और सीजीपीएससी में अंतिम सफलता न मिलने के बाद नीलिमा साहू ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह परीक्षा पास कर ली और बिहार प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में लगातार आगे बढ़ते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
इससे पहले, नीलिमा साहू बापू टावर स्थित महात्मा गांधी मल्टीमीडिया संग्रहालय, पटना में ओएसडी के पद पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। नवादा में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। अब बिहार सरकार ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग, पटना में संयुक्त सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी है, जो उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता को दर्शाता है।
सेवानिवृत्त हेडमास्टर की बेटी, प्रेरणा का स्रोत
नीलिमा साहू के पिता भैया लाल साहू एक सेवानिवृत्त हेडमास्टर हैं, जबकि उनकी मां ढेलेश्वरी साहू गृहिणी हैं। उनके पति अमूल्य कुमार व्यवसायी हैं। उनका बेटा अगस्त्य कुमार 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी अनाया पांचवीं कक्षा में है।
नीलिमा साहू की कहानी उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार प्रयास के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर पाते। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि असफलता लक्ष्य तक पहुंचने की राह को रोक नहीं सकती, यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहे और सफलता का रास्ता बदलने को तैयार हो।







