Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक अत्यंत पावन और फलदायी व्रत माना जाता है, जो त्रयोदशी तिथि को पड़ता है और भक्तों को आरोग्य, सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्रदान करता है।
Pradosh Vrat 2026: दांपत्य सुख और मनोकामना पूर्ति हेतु करें मां पार्वती के विशेष मंत्रों का जाप
Pradosh Vrat 2026: विवाह संबंधी बाधाओं से मुक्ति के लिए मंत्र जाप का महत्व
भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए प्रदोष व्रत का विशेष विधान है। यह व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है, और संध्याकाल में भगवान शिव की आराधना का समय ‘प्रदोष काल’ कहलाता है। मान्यता है कि इस पवित्र काल में शिव परिवार की उपासना करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। विशेषकर, यदि आपके विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हैं, मनचाहा जीवनसाथी नहीं मिल पा रहा है, या फिर जीवन में आत्मविश्वास की कमी महसूस हो रही है, तो प्रदोष व्रत के दिन माता पार्वती के विशिष्ट मंत्रों का जाप अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मां पार्वती शक्ति, प्रेम और समर्पण की प्रतीक हैं, और उनकी कृपा से वैवाहिक जीवन की सभी मुश्किलें दूर हो जाती हैं।
प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अत्यंत सरल और विधिपूर्वक की जा सकती है। यहां कुछ प्रमुख चरण दिए गए हैं:
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- संध्याकाल (प्रदोष काल) में पुनः स्नान करें।
- भगवान शिव को बिल्व पत्र, धतूरा, सफेद फूल, शमी पत्र और जल अर्पित करें।
- माता पार्वती को लाल वस्त्र, लाल फूल, सिंदूर, बिंदी और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
- धूप-दीप प्रज्ज्वलित करें और शिव चालीसा या प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें।
- इसके पश्चात् माता पार्वती के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
- अंत में शिव-पार्वती की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
माता पार्वती के चमत्कारी मंत्र
मनोकामना पूर्ति और विशेषकर वैवाहिक सुख के लिए माता पार्वती के कुछ मंत्र अत्यंत शक्तिशाली माने गए हैं। इन मंत्रों का जाप प्रदोष व्रत के दिन करने से शीघ्र फल की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
”’ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योगेश्वरी योग भयंकरी सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः।”’
यह मंत्र शीघ्र विवाह और मनपसंद जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावी है।
”’हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया। तथा मां कुरु कल्याणि कांतकांता सुदुर्लभाम।”’
यह मंत्र विशेष रूप से उन कन्याओं के लिए है जो योग्य वर की तलाश में हैं।
”’ॐ नमः शिवायै च वरदायै सर्व कर्मणे नमः। देवकी पतये नमः नमो देव्यै नमः शिवायै सततं नमः।”’
यह मंत्र वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और स्थिरता प्रदान करता है।
इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करें। निरंतर जाप से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
निष्कर्ष एवं उपाय
प्रदोष व्रत के दिन माता पार्वती के इन मंत्रों का जाप करने से न केवल विवाह संबंधी समस्याएं दूर होती हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास का संचार भी होता है। मां पार्वती की कृपा से दांपत्य जीवन सुखमय बनता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन यदि संभव हो तो किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को श्रृंगार सामग्री या लाल वस्त्र दान करें। यह उपाय आपके वैवाहिक जीवन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।






