Darbhanga Court: दरभंगा में न्यायपालिका ने गंभीर अपराधों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने दुष्कर्म और अपहरण के तीन अलग-अलग मामलों में फंसे अभियुक्तों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं। इन फैसलों के बाद अब सभी आरोपियों को जमानत के लिए पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करनी होगी।
दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने की धमकी का मामला
अदालत ने जाले थानाकांड संख्या 242/25 में दुष्कर्म के आरोपी मो. माहताब का नियमित जमानत आवेदन रद्द कर दिया है। लोक अभियोजक (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि मो. माहताब पर एक महिला से दुष्कर्म करने और उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार यौन शोषण करने का गंभीर आरोप है। अभियुक्त मो. माहताब 29 जुलाई 2026 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
विवाहित महिला से दुष्कर्म के आरोपी को भी राहत नहीं
इसी तरह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) नीरज कुमार की अदालत ने बिरौल थानाकांड संख्या 269/25 में एक विवाहित महिला से दुष्कर्म के आरोपी राजकुमार पासवान की नियमित जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। बिरौल थानाक्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी राजकुमार पासवान 9 जून 2026 से न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया।
17 वर्षीय लड़की के अपहरण मामले में अग्रिम जमानत रद्द
एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में, रैयाम थानाकांड संख्या 45/25 के नामजद आरोपी मो. दिलशाद नद्दाफ का अग्रिम जमानत आवेदन भी अदालत ने खारिज कर दिया। मो. दिलशाद नद्दाफ पर 17 वर्षीय लड़की के अपहरण का आरोप है। पीपी श्री झा ने बताया कि इन तीनों मामलों में अदालत ने अभियुक्तों को कोई राहत नहीं दी है। अब उन्हें अगर जमानत चाहिए तो पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया, ‘आरोपियों के खिलाफ गंभीर प्रकृति के अपराध दर्ज हैं। अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उनकी जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं। अब उन्हें उच्च न्यायालय का रुख करना होगा।’
इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि दरभंगा की न्यायपालिका यौन अपराधों और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में सख्त रवैया अपना रही है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का डर बना रहे।






