Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले का केवटी प्रखंड गुरुवार को दो अलग-अलग महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह बना। एक ओर जहां संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की। इन दोनों घटनाओं ने केवटी में दिनभर गहमागहमी बनाए रखी।
केवटी में निकली संत गुरु रविदास जयंती पर भव्य कलश यात्रा
गुरुवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती ‘समरसता संकल्प अभियान’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर केवटी प्रखंड मुख्यालय से एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का नेतृत्व सीओ सह बीडीओ रणधीर रमन ने किया। कलश यात्रा प्रखंड मुख्यालय से शुरू होकर केवटी चौक, पुरानी टोल, सहलेस चौक और रनवे चौक होते हुए पुनः प्रखंड मुख्यालय पहुंची।
इस अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास के जीवन और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। यात्रा में बीपीआरओ सह बीईओ कुणाल कुमार, केवटी थानाध्यक्ष राहुल कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जीविका दीदी, विकास मित्र, पंचायत सचिव, केवटी पुलिस, चिकित्सा पदाधिकारी, राजनीतिक दलों के नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मिलकर संत रविदास के आदर्शों को याद किया।
केवटी पुलिस ने तीन वारंटियों को दबोचा
केवटी पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में चक्का गांव निवासी विनोद साहू और अशोक साहू, दोनों पिता रामसोगारथ साहू शामिल हैं। इनके खिलाफ दरभंगा के जेएमएफसी श्री प्रमोद कुमार के न्यायालय में टीआर संख्या 989/25 के तहत वारंट जारी था।
इसके अतिरिक्त, डोमें ढेरिचक गांव निवासी चन्देश्वर यादव, पिता रामसेवक यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चन्देश्वर यादव के खिलाफ दरभंगा के प्रथम श्रेणी जेएम शालभ शर्मा के न्यायालय में टीआर संख्या 187/25 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी था। पुलिस ने तीनों वारंटियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में उपस्थापन के लिए भेज दिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संदेश गया है।
केवटी में एक ही दिन हुई इन दो महत्वपूर्ण गतिविधियों ने सामुदायिक भागीदारी और प्रशासनिक दक्षता का एक मिलाजुला चित्र प्रस्तुत किया। जहां एक ओर समाज सुधारक संत रविदास के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर कानून तोड़ने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा कसा गया।







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