महाशिवरात्रि व्रत: महाशिवरात्रि का पावन पर्व निकट है, और ऐसे में भक्तों के मन में व्रत से संबंधित अनेक जिज्ञासाएं उठना स्वाभाविक है। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने हेतु रखे जाने वाले इस पवित्र व्रत में आहार शुद्धि का विशेष महत्व होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आइए जानते हैं कि इस व्रत के दौरान किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए और किनसे बचना चाहिए ताकि आपका व्रत सफल और फलदायी हो। व्रत नियम के अनुसार, शारीरिक और मानसिक पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
महाशिवरात्रि व्रत में क्या करें और क्या न करें?
महाशिवरात्रि व्रत में इन चीजों का करें सेवन
- फल और सूखे मेवे: केला, सेब, अंगूर, अनार, बादाम, अखरोट आदि का सेवन करें।
- दूध और दूध से बने उत्पाद: दही, पनीर, छाछ का प्रयोग करें।
- साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा: इनसे बनी पूड़ी, पराठे, खीर या पकौड़ी का सेवन कर सकते हैं।
- सेंधा नमक का प्रयोग करें, सामान्य नमक से बचें।
- पानी, फलों का रस, नारियल पानी आदि पर्याप्त मात्रा में पिएं।
- आलू, शकरकंद, अरबी, कद्दू, लौकी जैसी सब्जियां खाई जा सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
महाशिवरात्रि व्रत में इन चीजों से बचें
- अनाज (जैसे गेहूं, चावल, दालें) और उनसे बने उत्पादों से पूर्णतः बचें।
- सामान्य नमक (आयोडीन युक्त नमक) का प्रयोग न करें।
- प्याज, लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूर रहें।
- मांस, मछली, अंडे का सेवन वर्जित है।
- शराब और धूम्रपान जैसी व्यसनों से बचें।
- हल्दी, धनिया पाउडर, मिर्च जैसे सामान्य मसालों का प्रयोग न करें, इसके बजाय हरी मिर्च और अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि का व्रत केवल भोजन त्याग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रतीक है। व्रत के दौरान मन को शांत रखें, शिव मंत्रों का जाप करें और सात्विक विचारों में लीन रहें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस प्रकार, आप न केवल शारीरिक रूप से बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी व्रत के नियमों का पालन कर पाएंगे। शिव कृपा से आपका जीवन मंगलमय हो।







