Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बहेड़ी थाना क्षेत्र के बसकट्टी गांव में पैसों के लेन-देन के विवाद में एक भतीजे की हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव को आनन-फानन में जला दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। मृतक की पत्नी ने अपने पति संतोष यादव की हत्या का आरोप रिश्तेदारों पर लगाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अंतिम संस्कार स्थल से जले हुए अवशेष बरामद किए हैं।
दरभंगा में खूनी खेल! पैसे के लिए रिश्तेदार ने ली जान, फिर जलाया शव; पुलिस को मिले सबूत
Bihar Darbhanga Crime: बिहार के दरभंगा जिले में पैसे के लेनदेन को लेकर एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। बहेड़ी थाना क्षेत्र के बसकट्टी गांव में संतोष यादव नामक व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर दी गई और उसके शव का आनन-फानन में दाह संस्कार कर दिया गया। मृतक की पत्नी गीता कुमारी ने अपने पति की हत्या का आरोप लगाते हुए पांच रिश्तेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतिम संस्कार स्थल से जले हुए अवशेष बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
पैसे के विवाद में हत्या का आरोप, मामी पर उठी उंगली
गीता कुमारी ने पुलिस को दिए अपने बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति संतोष यादव के नाना बोकाई यादव, जो चनमाना गांव के निवासी थे, ने संतोष को कुछ रुपये दिए थे। संतोष ने ये रुपये अपनी मामी मेम देवी के पास रखे थे। नाना की मृत्यु के बाद संतोष ने अपनी मामी से ये रुपये वापस मांगे, लेकिन मेम देवी लगातार टाल-मटोल करती रहीं। आरोप है कि पैसे मांगने पर मेम देवी ने संतोष को धमकी भी दी थी। यह विवाद लंबे समय से चल रहा था, जिसने अब एक जघन्य अपराध का रूप ले लिया है।
शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, 13 अगस्त की शाम करीब सात बजे संतोष का ममेरा भाई सुजीत यादव उसके पास पहुंचा। सुजीत ने संतोष से कहा कि उसकी मामी मेम देवी उसे बुला रही हैं और अपने साथ ले गया। गीता कुमारी का आरोप है कि सुजीत यादव के साथ अजित यादव, मेम देवी, गंगा विष्णु यादव और भगता यादव ने मिलकर उनके पति संतोष यादव की हत्या कर दी।
गीता कुमारी ने बताया, “14 अगस्त की सुबह करीब चार बजे मुझे पति की मौत की सूचना मिली। बाद में आरोपी संतोष का शव लेकर गांव पहुंचे। मैंने पुलिस को सूचना देने की बात कही, लेकिन आरोपियों ने मेरी बात नहीं मानी और आनन-फानन में शव का दाह संस्कार कर दिया।”
मृतक की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया है कि हत्या के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से ही शव का जल्दबाजी में दाह संस्कार किया गया। उन्होंने धमकी और डर के कारण प्राथमिकी दर्ज कराने में कुछ विलंब होने की बात भी कही है।
पुलिस ने बरामद किए जले अवशेष, जांच जारी
इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई। थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने उस स्थान की खुदाई कराई, जहां संतोष यादव का अंतिम संस्कार किया गया था। फोरेंसिक टीम की मदद से वहां से जले हुए अवशेष बरामद किए गए हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस ने बरामद अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर गहन जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष के अनुसार, आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से बसकट्टी गांव में तनाव का माहौल है।
पैसों के विवाद में हुई खूनी वारदात
मृतक संतोष यादव की पत्नी गीता कुमारी ने पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि उनके पति के नाना बोकाई यादव, जो चनमाना गांव के निवासी थे, ने संतोष को कुछ रुपये दिए थे। संतोष ने ये पैसे अपनी मामी मेम देवी के पास रखे थे। नाना की मृत्यु के बाद, संतोष ने अपनी मामी से वे रुपये वापस मांगे, लेकिन मामी लगातार टाल-मटोल करती रही। गीता कुमारी का आरोप है कि रुपये मांगने पर मेम देवी ने संतोष को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
इसी बीच, 13 अगस्त की शाम करीब सात बजे संतोष का ममेरा भाई सुजीत यादव उसके पास पहुंचा। सुजीत ने संतोष को बताया कि मामी बुला रही हैं और उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद संतोष घर नहीं लौटा।
मामी सहित पांच लोगों पर हत्या का आरोप
गीता कुमारी ने अपनी शिकायत में सीधे तौर पर सुजीत यादव, अजित यादव, मेम देवी, गंगा विष्णु यादव और भगता यादव पर उनके पति की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 14 अगस्त की सुबह करीब चार बजे उन्हें पति की मौत की सूचना मिली। इसके बाद आरोपित खुद संतोष का शव लेकर गांव पहुंचे।
गीता ने पुलिस को सूचना देने की बात कही, लेकिन आरोपितों ने उनकी एक न सुनी और जल्दबाजी में शव का दाह संस्कार कर दिया। उनका आरोप है कि हत्या के सबूत मिटाने के लिए ही शव को जलाया गया। धमकी और डर के कारण गीता कुमारी को प्राथमिकी दर्ज कराने में कुछ समय लगा।
पुलिस ने अंतिम संस्कार स्थल से बरामद किए अवशेष
मामले की जानकारी मिलते ही बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज कुमार गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने उस स्थान की खुदाई कराई, जहां संतोष यादव का अंतिम संस्कार किया गया था। फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से जले हुए अवशेष बरामद कर सुरक्षित कर लिए गए हैं।
पुलिस ने बरामद अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष के अनुसार, आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग रिश्तों के इस खूनी खेल से स्तब्ध हैं। पुलिस अब इन अवशेषों की जांच और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।







