Alinagar Bal Kalyan News: दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड में बाल कल्याण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बुधवार को प्रखंड सभागार में मिशन बाल कल्याण के सेंटर डायरेक्ट कवच परियोजना, दरभंगा के तत्वावधान में प्रखंड बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता माननीय प्रमुख प्रतिनिधि राजीव कुमार यादव ने की, जिसमें बाल विवाह और बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के लिए प्रखंड के सभी मुखियाओं को पहले ही सूचित कर दिया गया था, हालांकि निर्धारित समय पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। सेंटर डायरेक्ट कवच परियोजना की मिशन एक्सपर्ट सोनाली कुमारी और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर बबीता कुमारी भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हुईं। बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करना था, जिसमें बाल विवाह और बाल श्रम के बढ़ते आंकड़ों पर सभी ने गहरी चिंता व्यक्त की। इन समस्याओं को कम करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई, साथ ही नियमित बैठकों और रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
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बाल विवाह और बाल श्रम: एक गंभीर चिंता का विषय
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बच्चों को बाल विवाह और बाल मजदूरी से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं, विद्यालय के शिक्षकों और पंचायत के प्रत्येक वार्ड में ऐसी बैठकें आयोजित कर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया गया। प्रखंड के मुखिया से लेकर वार्ड सदस्य तक को इसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि समाज में जागरूकता फैले और इन कुप्रथाओं से मुक्ति मिल सके।
अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि इस जिले में पहले बाल विवाह का औसत 23% था, जो घटने के बजाय और बढ़ गया है। यह आंकड़ा वाकई चिंताजनक है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि यदि बच्चे सप्ताह में एक दिन भी विद्यालय नहीं जाते हैं, तो उनकी पढ़ाई का एक सप्ताह का नुकसान होता है। अभिभावकों और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए जागरूक करने का सुझाव दिया गया।
छोटे बच्चों को मखाना उद्योग जैसे कार्यों में लगाए जाने को भी गलत बताया गया, क्योंकि यह उनके बचपन और शिक्षा के अधिकार का हनन है। इसके अलावा, जिन बच्चों के माता-पिता या उनमें से किसी एक का निधन हो जाता है, उनके लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी जागरूकता फैलाने पर बल दिया गया। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऐसे अनाथ बच्चों को समाज और सरकार का पूरा सहयोग मिले।
जागरूकता अभियान और सरकारी योजनाओं का लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की शादी रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया। यह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे केवल जनभागीदारी से ही समाप्त किया जा सकता है। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित कुमार मिश्रा, सीडीपीओ अंजू कुमारी, सभी पर्यवेक्षिकाएं, पंचायत सचिव अशर्फी कुमार, अभिषेक पांडे और सामाजिक कार्यकर्ता दयाशंकर झा मदन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
Darbhanga Bal Kalyan News: दरभंगा जिले में बाल कल्याण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की जागरूकता बैठकें पंचायत से लेकर वार्ड स्तर तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर काम करने की सलाह दी गई। यह सुनिश्चित करेगा कि जमीनी स्तर पर भी इन मुद्दों पर गंभीरता से काम हो और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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Alinagar Bal Kalyan News: भविष्य की रणनीति और समन्वय
बैठक में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय से जुड़े विभागों को एक साथ मिलकर काम करना होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाएं और जागरूकता संदेश हर घर तक पहुंचें, खासकर उन ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां इन कुप्रथाओं का प्रचलन अधिक है।
समिति ने आगामी त्रैमासिक बैठकों में इन निर्णयों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने का भी संकल्प लिया। यह निरंतर निगरानी और मूल्यांकन ही इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई में सफलता दिला सकता है। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए यह पहल एक नई उम्मीद जगाती है, और उम्मीद है कि इसका सकारात्मक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा।
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