Madhubani Atal Kala Bhawan: सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध मधुबनी जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग ने जिला मुख्यालय में अत्याधुनिक ‘अटल कला भवन’ के निर्माण के लिए ₹19 करोड़ 73 लाख 26 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। यह भव्य परियोजना 620 दर्शकों की क्षमता वाले एक आधुनिक ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक परिसर के रूप में विकसित होगी, जिसका निर्माण भवन निर्माण विभाग, बिहार द्वारा तकनीकी अनुमोदन के बाद किया जाएगा।







यह स्वीकृति न केवल मधुबनी बल्कि पूरे मिथिलांचल के लिए गौरव का क्षण है। लंबे समय से जिले में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों, साहित्यिक गोष्ठियों, नाट्य मंचन और कला प्रदर्शनियों के लिए एक उपयुक्त मंच की कमी महसूस की जा रही थी। अब अटल कला भवन के निर्माण से यह कमी पूरी होगी, जिससे कलाकारों और सांस्कृतिक प्रेमियों को एक विश्वस्तरीय मंच मिलेगा।

मिथिला की कला-संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
अटल कला भवन का मुख्य उद्देश्य बिहार और मिथिला की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना है। यह भवन इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विशाल सभागार, कला दीर्घा (आर्ट गैलरी), प्रदर्शनी स्थल, अभ्यास कक्ष और सम्मेलन कक्ष जैसी व्यवस्थाएं होंगी।यह केंद्र कलाकारों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों, लोकगायकों, लोकनर्तकों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए एक समर्पित मंच बनेगा। विशेष रूप से मिथिला पेंटिंग, लोक संगीत, लोक नृत्य, नाट्य कला और अन्य पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को इससे नई गति मिलेगी। स्थानीय और उभरती हुई प्रतिभाओं को अपनी कला का प्रदर्शन करने और उसे निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे जिले की सांस्कृतिक गतिविधियों का व्यापक विस्तार होगा।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की भूमिका रही अहम
इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को धरातल पर लाने में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने जिले में कला और संस्कृति के विकास तथा आधुनिक सांस्कृतिक अवसंरचना की आवश्यकता को प्राथमिकता दी। राज्य सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष परियोजना की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने लगातार अनुश्रवण किया और विभिन्न स्तरों पर पहल की।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा, ‘अटल कला भवन का निर्माण मधुबनी के सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। यह भवन जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगा तथा कलाकारों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह भवन भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।’
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निर्माण कार्य भवन निर्माण विभाग, बिहार द्वारा ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद, यह भवन एक बहुउद्देशीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहाँ कला, साहित्य, संगीत, रंगमंच और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का नियमित आयोजन संभव हो सकेगा।अटल कला भवन की प्रशासनिक स्वीकृति मधुबनी जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना न केवल जिले की सांस्कृतिक समृद्धि को नई ऊर्जा देगी, बल्कि मधुबनी को बिहार के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सौगात आने वाली पीढ़ियों के लिए कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम बनेगी, जिससे मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।









You must be logged in to post a comment.