Bihar Panchayat: बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शासन को सुदृढ़ करने और स्थानीय विकास में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब हर महीने की आखिरी रविवार को सभी ग्राम पंचायतों में ‘पंचायत विकास दिवस’ मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत 28 जून से होगी। कैबिनेट सचिवालय विभाग ने इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है ‘पंचायत विकास दिवस’ का उद्देश्य?
सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम सभा के सदस्यों, महिलाओं, युवाओं और अन्य हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है। मासिक आयोजन के दौरान पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की जाएगी और उन स्थानीय मुद्दों की पहचान की जाएगी जिन पर प्रशासनिक ध्यान देने की आवश्यकता है। यह पहल ग्रामीण विकास के लिए एक मंच प्रदान करेगी।






मुंगेर से होगा राज्य स्तरीय शुभारंभ
इस पहल का उद्घाटन राज्य स्तर पर मुंगेर जिले की एक चुनिंदा ग्राम पंचायत में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी औपचारिक रूप से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों को अपने-अपने जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने और जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेगी जवाबदेही और पारदर्शिता
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पहल ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता में सुधार और जमीनी स्तर पर जवाबदेही तंत्र को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन की गई है। सरकार को उम्मीद है कि इस कार्यक्रम के तहत नियमित बातचीत से ग्रामीण क्षेत्रों में योजना और कार्यान्वयन के बीच के अंतराल को पाटने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासनों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पंचायत स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करें। सरकार ने कहा है कि यह संरचित मासिक प्रारूप ग्रामीण बिहार में कल्याणकारी और बुनियादी ढांचा योजनाओं की व्यवस्थित निगरानी की भी अनुमति देगा। यह कदम निश्चित रूप से ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देगा और जनता को सीधे सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।








