Bhagalpur University: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भागलपुर विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। छात्रों की समस्याओं के प्रति कुलपति की उदासीनता से नाराज परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें चूड़ियां भेंट कर अपना रोष व्यक्त किया। यह अनोखा विरोध इस संदेश के साथ किया गया कि यदि कुलपति समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
परिषद के सदस्य कई दिनों से कुलपति से मिलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण मुलाकात नहीं हो पा रही थी। जब कुलपति विश्वविद्यालय पहुंचे, तब भी छात्रों की समस्याओं को लेकर उनकी निष्क्रियता स्पष्ट दिखी, जिसके बाद यह विरोध प्रदर्शन किया गया।






विश्वविद्यालय में क्यों पनपी अराजकता?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की गंभीर समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। पूर्व में टी.एन.बी. कॉलेज में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर असामाजिक तत्वों द्वारा हमला करने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा, शिक्षक नीलेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भी परिषद ने आवेदन दिया था और आंदोलन किया था। इन दोनों ही मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
कार्रवाई न होने पर ABVP का कड़ा रुख
लगातार शिकायतों और आंदोलनों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता को ABVP ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इसी निष्क्रियता के विरोध में कुलपति को चूड़ी भेंट कर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि यदि वे विश्वविद्यालय की समस्याओं को हल करने और दोषियों पर कार्रवाई करने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह प्रतीकात्मक विरोध कुलपति की कार्यप्रणाली पर गहरा सवाल उठाता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने संयुक्त रूप से कहा, ‘विद्यार्थी परिषद छात्रों के हितों, विश्वविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण की बहाली तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी।’
छात्र हितों के लिए जारी रहेगा संघर्ष
इस विरोध प्रदर्शन में अमन रॉय, पीयूष भारती, ऋषि किशन, राजा यादव, अंकित आनंद, दिव्यांशु, अनमोल, सुमित, लक्ष्मण सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। विद्यार्थी परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि वे छात्रों के हितों, शैक्षणिक वातावरण की बहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संघर्ष भविष्य में भी जारी रखेंगे। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने और छात्रों की मांगों को पूरा करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








