Bihar Tiger Reserve: बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में जंगल सफारी का रोमांच 29 जून से तीन महीनों के लिए थम जाएगा। वन विभाग ने मानसून के आगमन और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस अवधि के दौरान, जुलाई से सितंबर तक, जंगल सफारी, नौका विहार और रिजर्व के भीतर की अन्य सभी पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह से बंद रहेंगी। अक्टूबर के पहले सप्ताह में इसे नए सिरे से और बेहतर सुविधाओं के साथ पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है।
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सफारी पर यह प्रतिबंध 29 जून से प्रभावी होगा और 30 सितंबर तक लागू रहेगा। इस दौरान देश-विदेश से आने वाले पर्यटक वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। हालांकि, वाल्मीकिनगर क्षेत्र के बाहरी पर्यटन स्थलों जैसे गंडक बैराज, इको पार्क, कैनोपी वॉक और जंगल कैंप का भ्रमण करने की अनुमति होगी।






बंदी से पहले उमड़ी पर्यटकों की भीड़, क्या है वजह?
इस तीन महीने की बंदी से पहले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सुबह और शाम दोनों पालियों में सफारी गाड़ियों की बुकिंग पूरी तरह से फुल चल रही है। बिहार के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से पर्यटक वीटीआर पहुंच रहे हैं। जून का महीना जंगल सफारी के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है।
गर्मी के कारण जंगल के भीतर जल स्रोत सूख जाते हैं, जिससे बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण और गौर (बायसन) जैसे वन्यजीव पानी की तलाश में आसानी से दिखाई देते हैं। यह वन्यजीवों को करीब से देखने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है, जिसके चलते बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी और वन्यजीव उत्साही यहां आते हैं।
वन विभाग की खास अपील: सुरक्षा नियमों का पालन करें
वन विभाग ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे बंदी से पहले अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर लें और जंगल के अंदर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास को कोई नुकसान न पहुंचे।
वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि बंदी से पहले अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर लें और जंगल के अंदर सुरक्षा नियमों का पालन करें।
अक्टूबर में सफारी के फिर से शुरू होने पर नए नियमों और बेहतर सुविधाओं के साथ पर्यटकों का स्वागत किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यटकों के अनुभव दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
प्रकृति को आराम और बेहतर अनुभव का मौका
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व सिर्फ वन्यजीव संरक्षण का केंद्र ही नहीं है, बल्कि यह बिहार के पर्यटन को एक नई पहचान देने वाला एक गौरवशाली स्थल भी है। तीन महीने की यह बंदी प्रकृति को आराम देने और वन्यजीवों को उनके प्रजनन काल में शांति प्रदान करने के लिए एक आवश्यक कदम है। यह पर्यटकों को भविष्य में और भी बेहतर और समृद्ध अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।








