Bihar Espionage: दरभंगा का युवक निकला पाकिस्तानी जासूस: पाकिस्तान को बेची देश की खुफिया जानकारी! राजस्थान पुलिस ने दबोचा | पढ़िए – ‘Darbhanga Spy’ कनेक्शन की पूरी सच्चाई।कृष्ण राय उर्फ शान इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया ऐप के जरिए शहजाद भट्टी से लगातार बातचीत कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। अब फॉरेंसिक टीम इन उपकरणों की गहन जांच कर रही है, ताकि इस पूरे जासूसी नेटवर्क से जुड़ी सभी जानकारियां सामने आ सकें। पढ़िए –
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। राजस्थान पुलिस की खुफिया एजेंसियों ने एक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बिहार के दरभंगा निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह युवक पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था और देश से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां भेज रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।






गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान 20 वर्षीय कृष्ण राय उर्फ शान के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है, लेकिन उसका परिवार पिछले कुछ वर्षों से राजस्थान के हनुमानगढ़ में रह रहा था। पुलिस के शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी नाम के व्यक्ति के संपर्क में था।
आरोपी की पहचान और सोशल मीडिया कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, कृष्ण राय उर्फ शान इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया ऐप के जरिए शहजाद भट्टी से लगातार बातचीत कर रहा था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी दौरान उसने देश से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां पाकिस्तान भेजी हैं। हालांकि, अभी यह पता लगाया जा रहा है कि उसने किस तरह की सूचनाएं साझा कीं और इसके बदले उसे कोई आर्थिक या अन्य लाभ मिला या नहीं। यह भी जांच का विषय है कि यह ‘बिहार Espionage’ मामला कितना गहरा है।
जब्त हुए गैजेट्स, फॉरेंसिक जांच जारी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। अब फॉरेंसिक टीम इन उपकरणों की गहन जांच कर रही है, ताकि इस पूरे जासूसी नेटवर्क से जुड़ी सभी जानकारियां सामने आ सकें। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कृष्ण राय के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
24 जून को दर्ज हुआ था मामला, आगे क्या?
इस मामले में आरोपी के खिलाफ 24 जून को आधिकारिक तौर पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज की और त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। राजस्थान पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके सभी संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी और इस ‘Darbhanga Spy’ कनेक्शन की पूरी सच्चाई सामने आएगी।








