Bihar Police Exam Cheating: बिहार पुलिस में सिपाही के 933 पदों पर भर्ती के लिए रविवार को आयोजित परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ है। दरभंगा में विभिन्न परीक्षा केंद्रों से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों से परीक्षा की पवित्रता भंग करने वाले गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसा है।
लहेरियासराय थाना क्षेत्र के मारवाड़ी कॉलेज से ब्लूटूथ के जरिए नकल करती एक युवती को पकड़ा गया। नवादा जिले के नदरीगंज थाना क्षेत्र के परमा गांव निवासी वीरेंद्र सिंह की बेटी मौसम कुमारी परीक्षा दे रही थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर परीक्षा केंद्र के बाहर से उसके बड़े भाई कुंदन कुमार और मुन्ना सिंह के बेटे रजनीश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दोनों भाई बाहर से ब्लूटूथ के माध्यम से मौसम कुमारी को नकल करवा रहे थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर भाइयों को यह कैसे पता चला कि मौसम कुमारी को कौन सा प्रश्नपत्र सेट मिला था।






दरभंगा में ब्लूटूथ और वॉकी-टॉकी गैंग दबोचा गया
दूसरी बड़ी कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र के मारवाड़ी हाई स्कूल में हुई। यहां से दो परीक्षार्थियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से ब्लूटूथ, वॉकी-टॉकी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। गिरफ्तार परीक्षार्थियों में रोहतास जिले के दावत इटवा गांव के विजय कुमार पंडित का बेटा विद्यासागर कुमार और दावत थाना क्षेत्र के धवई गांव के भगवान सिंह का बेटा पंकज कुमार शामिल हैं। ये दोनों परीक्षा हॉल के अंदर ब्लूटूथ से नकल कर रहे थे।
वहीं, इनके मददगारों के रूप में रोहतास जिले के दावत थाना क्षेत्र के इटवा गांव के अवध बिहारी पंडित के बेटे धीरज कुमार और धवई गांव के मदन सिंह के बेटे विकास कुमार को पकड़ा गया। ये दोनों परीक्षा केंद्र के बाहर से वॉकी-टॉकी और अन्य उपकरणों के जरिए हॉल में बैठे छात्रों को प्रश्नोत्तर बता रहे थे। मारवाड़ी स्कूल के प्रिंसिपल के आवेदन पर इन चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस
प्रभारी थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने बताया, “पकड़े गए सातों व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है। हम गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटे हैं। यदि ये लोग गिरोह के बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी देंगे, तो उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।”
पुलिस की इस कार्रवाई से बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उम्मीद है कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी से भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में नकल पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।








