Bihar University Degree: राज्य की यूनिवर्सिटीज में डिग्री पाने का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है। अब उन्हें अपनी डिग्री के लिए और भटकना नहीं पड़ेगा। बिहार के लोक भवन ने सभी विश्वविद्यालयों को ‘मिशन मोड’ में लंबित डिग्रियां बांटने का निर्देश जारी किया है। इस कदम से छात्रों के करियर पर लग रही ब्रेक हट जाएगी और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे।
राज्यपाल के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों के वाइस-चांसलर को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने डिग्री देने में हो रही देरी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने साफ कहा कि डिग्रियों में देरी से छात्रों की उच्च शिक्षा के अवसर, नौकरी की संभावनाएं और कुल मिलाकर उनके करियर की तरक्की पर बहुत बुरा असर पड़ता है।






डिग्री न मिलने से करियर पर पड़ रहा था असर
लोक भवन को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की डिग्रियां जारी न होने या लंबित होने से जुड़ी थीं, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने कोर्स पूरे कर लिए थे। इन शिकायतों के मद्देनजर ही यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। लोक भवन ने विश्वविद्यालयों से कहा है कि वे उन सभी छात्रों को रुकी हुई डिग्रियां तुरंत वितरित करें, जिन्होंने अपना कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसके लिए लंबित डिग्रियों के बैकलॉग को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
दीपक कुमार सिंह ने अपने पत्र में कहा, ‘डिग्रियां देने में देरी से स्टूडेंट्स की हायर एजुकेशन के मौकों, नौकरी की संभावनाओं और कुल मिलाकर करियर की तरक्की पर बुरा असर पड़ता है।’
2010 से 2024 तक का मांगा गया डेटा
लोक भवन ने सभी विश्वविद्यालयों से डिग्री की छपाई और वितरण की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। यह डेटा एक्सेल फॉर्मेट में ईमेल के जरिए उपलब्ध कराना होगा। इसमें साल 2010 से लेकर 2024 तक की सभी डिग्रियों की जानकारी शामिल होनी चाहिए, जिसमें अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए अलग-अलग आंकड़े दिए जाएंगे। इस डेटा से लंबित मामलों की सही स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
मॉनिटरिंग के लिए बनेगा स्पेशल सेल
डिग्री वितरण प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी के लिए विश्वविद्यालयों को एक स्पेशल सेल बनाने का भी निर्देश दिया गया है। इस सेल की मुख्य जिम्मेदारी काम की प्रगति पर लगातार नजर रखना होगी। यह सेल देरी के कारणों का पता लगाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी रुके हुए मामले तय समय-सीमा के भीतर निपटा लिए जाएं। इस पहल से भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोका जा सकेगा और छात्रों को समय पर उनकी मेहनत का फल मिल पाएगा। यह कदम बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा।







