Darbhanga DMCH: चौंकाने वाली खबर: दरभंगा DMCH में 10 किलो का ट्यूमर निकाला, महिला की जान बची! 10 किलोग्राम वजनी फाइलोड्स ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया। ऑपरेशन के बाद से मरीज लगातार चिकित्सकों की निगरानी में है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। यह सफल ऑपरेशन बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में डीएमसीएच की बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञता को दर्शाती है। पढ़िए विस्तार से –
दरभंगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) ने एक बड़ी चिकित्सकीय सफलता हासिल की है। शुक्रवार, 3 जुलाई को डीएमसीएच के शल्य चिकित्सा विभाग में एक महिला के बाएं स्तन से लगभग 10 किलोग्राम वजनी फाइलोड्स ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला गया। इस जटिल ऑपरेशन ने मरीज को नई जिंदगी दी है, जिसकी हालत अब स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है।







डॉ. एके झा यूनिट के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक समर्पित टीम ने इस चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को अंजाम दिया। मरीज को बाएं स्तन में लगातार बढ़ती हुई गांठ और उससे होने वाली गंभीर असुविधा की शिकायत के बाद शल्य चिकित्सा विभाग में भर्ती कराया गया था। गहन जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ही ऑपरेशन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
ऑपरेशन की चुनौतियां और डॉक्टरों की टीम
इस ऑपरेशन में डॉक्टरों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी, क्योंकि ट्यूमर का आकार अत्यधिक बड़ा था। लगभग 10 किलोग्राम वजनी फाइलोड्स ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकालने के बाद, इसे आगे की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया है। ऑपरेशन के बाद से मरीज लगातार चिकित्सकों की निगरानी में है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
इस सफल ऑपरेशन में डॉ. प्रियंका यादव, डॉ. मंजरी सिंह, डॉ. अनीता, डॉ. रवि, डॉ. सानू, डॉ. प्रियंका, डॉ. हर्ष, डॉ. विपिन एवं डॉ. अनन्या ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी टीम ने डॉ. ए. के. झा के कुशल मार्गदर्शन में समन्वित रूप से कार्य करते हुए इस चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफल बनाया।
स्तन रोगों के प्रति जागरूकता: डॉक्टरों की सलाह
डीएमसीएच के डॉक्टरों ने इस सफल ऑपरेशन के बाद एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्तन स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
चिकित्सकों ने बताया, “स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ, दर्द, सूजन अथवा अन्य असामान्य परिवर्तन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच एवं उचित उपचार से गंभीर स्तन रोगों का भी सफल उपचार संभव है।”
यह घटना बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में डीएमसीएच की बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञता को दर्शाती है। डॉक्टरों की यह उपलब्धि न केवल मरीज के लिए बल्कि ऐसे अन्य रोगियों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जो गंभीर स्तन रोगों से जूझ रहे हैं। समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेना और जांच करवाना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।









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