Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले के हनुमाननगर में रविवार को दो दिव्यांग युवतियों के चेहरे खुशी से चमक उठे। सिलाई का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनें प्रदान की गईं। यह पहल डॉ. मोहन चौधरी मेमोरियल फाऊंडेशन और एसआरवी पब्लिक स्कूल गोढैला के संयुक्त तत्वावधान में की गई है, जिससे इन युवतियों को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला है।
मोरो थानाध्यक्ष दिव्य ज्योति ने बसुआरा गांव की दिव्यांग चांदनी देवी को सिलाई मशीन भेंट की। वहीं, एसआरवी पब्लिक स्कूल गोढैला के निदेशक प्रणय प्रभाकर ने पटोरी गांव की सोनी कुमारी को मशीन सौंपकर आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य वंचित और असमर्थ लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना था।






इस अवसर पर डॉ. मोहन चौधरी मेमोरियल फाऊंडेशन के मैनेजिंग ट्रष्टी विजय चौधरी ने संस्था की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा,
‘संस्था दिव्यांग और पीड़ित मानवता की सेवा में सदैव तत्पर है। हम सामाजिक विकास और वंचित समाज के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित हैं। हमारी यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी ताकि अधिक से अधिक असमर्थ दिव्यांगों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाया जा सके।’
कार्यक्रम में राकेश चौधरी, रिटायर्ड फौजी विमल चौधरी, संतोष कुमार, बबलू पंडित और प्रशिक्षक नीलम देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। सिलाई मशीनें मिलने से चांदनी देवी और सोनी कुमारी बेहद प्रसन्न दिखीं। अब वे अपने कौशल का उपयोग कर सम्मानजनक तरीके से आजीविका कमा सकेंगी।
यह प्रयास दर्शाता है कि सही सहयोग और प्रशिक्षण मिलने पर दिव्यांगजन भी समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। फाऊंडेशन ने भविष्य में भी ऐसे ही कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का संकल्प लिया है, जिससे क्षेत्र के अन्य दिव्यांगों को भी लाभ मिल सके।








