Darbhanga Scholarship: बिहार के दरभंगा में मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘सुलभ छात्रवृत्ति’ प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय के व्याकरण विभाग में 2019-21 सत्र के आचार्य तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर के पाँच पूर्व विद्यार्थियों को यह वित्तीय सहायता मिली है। प्रत्येक छात्र को ₹7,500 की राशि दी गई, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर देवेश कुमार झा, गजेन्द्र कुमार झा, दीपक कुमार, शालिनी और जवाहर पंडित नामक पाँच पूर्व छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा, साहित्य संकायाध्यक्ष प्रो. दयानाथ झा, डॉ. साधना शर्मा, डॉ. एल्. सविता आर्या, डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री तथा डॉ. रामसेवक झा ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






‘सुलभ छात्रवृत्ति’ का उद्देश्य और प्रेरणा
विश्वविद्यालय के पीआरओ डा. निशिकान्त सिंह ने इस छात्रवृत्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सहायता स्वर्गीय बिंदेश्वर पाठक द्वारा विश्वविद्यालय को दानस्वरूप प्रदान की गई निधि से दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मेधावी, नियमित और वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
यह सुलभ छात्रवृत्ति स्वर्गीय बिंदेश्वर पाठक द्वारा विश्वविद्यालय को दानस्वरूप प्रदान की गई निधि से विद्यार्थियों को दी जा रही है, जिसका उद्देश्य मेधावी नियमित तथा वंचित विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।
सहायक आचार्य डॉ. साधना शर्मा, डॉ. एल्. सविता आर्या और डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने वर्तमान छात्रों को भी संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित उपस्थिति, अनुशासित अध्ययन और कक्षा में सक्रिय सहभागिता के महत्व के बारे में बताया।
नियमित उपस्थिति, अनुशासित अध्ययन तथा कक्षा में सक्रिय सहभागिता का प्रतिफल ही ऐसी छात्रवृत्तियों के रूप में प्राप्त होता है।
शिक्षकों ने जोर देकर कहा कि निरंतर परिश्रम और शैक्षणिक उत्कृष्टता ही ऐसी छात्रवृत्तियों के रूप में सम्मान दिलाती है, और उन्होंने छात्रों को इसे बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस पहल से न केवल छात्रों को आर्थिक मदद मिली है, बल्कि उन्हें अपनी पढ़ाई में और बेहतर करने की प्रेरणा भी मिली है। पढ़िए विस्तार से –
Darbhanga Scholarship: दरभंगा में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। यहाँ के विश्वविद्यालय के व्याकरण विभाग के पाँच पूर्व छात्र-छात्राओं को ‘सुलभ छात्रवृत्ति’ प्रदान की गई है। इस पहल से न केवल मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी मिली है।
2019-21 सत्र के आचार्य तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के पाँच पूर्व छात्र-छात्राओं को यह दरभंगा स्कॉलरशिप दी गई। प्रत्येक छात्र-छात्रा को ₹7,500-₹7,500 की राशि मिली, जो उनकी शैक्षणिक यात्रा में सहायक होगी। यह छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है जो नियमित अध्ययन और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख रहे हैं।
इन पाँच छात्रों को मिली ‘सुलभ छात्रवृत्ति’
व्याकरण विभाग में आयोजित एक समारोह में इन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। छात्रवृत्ति पाने वालों में देवेश कुमार झा, गजेन्द्र कुमार झा, दीपक कुमार, शालिनी और जवाहर पंडित शामिल हैं। इस अवसर पर विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताचरण झा, साहित्य संकायाध्यक्ष प्रो. दयानाथ झा, डॉ. साधना शर्मा, डॉ. एल्. सविता आर्या, डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री और डॉ. रामसेवक झा ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सहायक आचार्य डॉ. साधना शर्मा, डॉ. एल् सविता आर्या एवं डॉ. यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने वर्तमान छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘नियमित उपस्थिति, अनुशासित अध्ययन तथा कक्षा में सक्रिय सहभागिता का प्रतिफल ही ऐसी छात्रवृत्तियों के रूप में प्राप्त होता है।’
स्वर्गीय बिंदेश्वर पाठक की निधि से मिल रहा लाभ
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. निशिकान्त सिंह ने इस छात्रवृत्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ‘सुलभ छात्रवृत्ति’ स्वर्गीय बिंदेश्वर पाठक द्वारा विश्वविद्यालय को दानस्वरूप प्रदान की गई निधि से दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मेधावी, नियमित और वंचित विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
सहायक आचार्यों ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम और शैक्षणिक उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। यह पहल दर्शाती है कि विश्वविद्यालय अपने छात्रों के भविष्य के प्रति कितना प्रतिबद्ध है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। इस तरह की छात्रवृत्तियाँ न केवल छात्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास भी प्रदान करती हैं।








